श्री शर्मा ने 22 अप्रैल, 2026 को अपना इस्तीफा सौंपा था। Rachit Prints ने 23 अप्रैल, 2026 को ईमेल कन्फर्मेशन मिलने के बाद 24 अप्रैल, 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को इस डेवलपमेंट की जानकारी दी। इस इस्तीफे का मतलब यह नहीं है कि बोर्ड में कोई अनबन थी, बल्कि यह कंपनी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर जिम्मेदारियों से जुड़ा हुआ है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के लिहाज़ से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स कंपनी के लिए बेहद अहम होते हैं। वे बोर्ड को एक निष्पक्ष नज़रिया देते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि कंपनी शेयरधारकों के हित में फैसले ले रही है। ऐसे में, किसी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का पद खाली होना बोर्ड की संरचना और उसके कामकाज के लिए महत्वपूर्ण होता है, खासकर जब यह गैर-विवादास्पद कारणों से हो।
यह ध्यान देने वाली बात है कि Rachit Prints में यह कोई अकेला मैनेजमेंट बदलाव नहीं है। हाल के महीनों में कंपनी में कई फेरबदल हुए हैं। इससे पहले नवंबर 2025 में, कंपनी की सीएफओ (CFO) सुश्री गरिमा मूर्जानी (Garima Moorjani) ने पद छोड़ दिया था, और दिसंबर 2025 में श्री रचित गुप्ता (Rachit Gupta) ने उनकी जगह ली। इसके अलावा, अप्रैल 2026 की शुरुआत में, सुश्री आयुषी वर्मा (Ayushi Verma) ने कंपनी सेक्रेटरी (Company Secretary) और कंप्लायंस ऑफिसर (Compliance Officer) के पद से भी इस्तीफा दे दिया था।
गौरतलब है कि Rachit Prints के IPO प्रॉस्पेक्टस (IPO Prospectus) में पहले ही इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की अनुभव और योग्यता को लेकर कुछ चिंताओं का ज़िक्र किया गया था। इसलिए, इस पद का खाली होना और गवर्नेंस पर नज़र रखने वाले पर्यवेक्षकों का ध्यान इस ओर खींच सकता है।
बोर्ड में इस खाली हुई जगह को भरने के लिए कंपनी को अब एक नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति करनी होगी, ताकि बोर्ड का आवश्यक कोरम और कंपोजीशन बना रहे। भले ही Rachit Prints ने मतभेद से इनकार किया हो, लेकिन निवेशकों की निगाहें अब इस बात पर रहेंगी कि कंपनी किसे इस अहम पद पर नियुक्त करती है और क्या वे नए सदस्य की योग्यता को लेकर संतुष्ट हो पाएंगे।
