SEBI के नियमों का पालन हुआ पक्का
SEBI के नियमों के अनुपालन को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। प्रकाश वूलन एंड सिंथेटिक मिल्स लिमिटेड (Prakash Woollen & Synthetic Mills Ltd.) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपना कंप्लायंस सर्टिफिकेट जमा कर दिया है। यह फाइलिंग इस बात की पुष्टि करती है कि कंपनी शेयर सर्टिफिकेट्स के डी-मटेरियलाइजेशन (Dematerialization) से संबंधित भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन कर रही है।
रजिस्ट्रार ने दी हरी झंडी
कंपनी ने यह सर्टिफिकेट बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में जमा कराया है। इस सर्टिफिकेट के साथ, कंपनी के रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट, Skyline Financial Services Pvt. Ltd. ने भी आवश्यक पुष्टि प्रदान की है। यह सुनिश्चित करता है कि डी-मटेरियलाइजेशन प्रक्रिया SEBI के नियमों के अनुसार चल रही है।
क्यों है ये महत्वपूर्ण?
इस तरह की नियमित फाइलिंग्स शेयरहोल्डिंग और डी-मटेरियलाइजेशन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद करती हैं। SEBI के नियमों का पालन करना निवेशकों का भरोसा बनाए रखने और स्टॉक मार्केट के सुचारू कामकाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और हालिया विकास
Prakash Woollen & Synthetic Mills Ltd., जिसकी स्थापना 1979 में हुई थी, मुख्य रूप से मिंक कंबल और बेड कवर बनाती है। कंपनी ने हाल ही में SEBI के दिशानिर्देशों के अनुरूप, अपने फिजिकल शेयरधारकों के लिए ट्रांसफर रिक्वेस्ट को फिर से दर्ज करने हेतु एक विशेष एक साल की विंडो खोली थी।
इसके अतिरिक्त, मार्च 2026 में, कंपनी को UP हैंड्लूम एंड टेक्सटाइल पॉलिसी-2017 के तहत ₹3.85 करोड़ का सरकारी सब्सिडी भी मिला था, जिसने उसके विस्तार परियोजनाओं को समर्थन दिया।
फाइनेंशियल स्नैपशॉट (FY25)
फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए, कंपनी ने ₹105.19 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में मामूली वृद्धि है। वहीं, नेट प्रॉफिट (Net Profit) ₹1.26 करोड़ रहा।
