Pasupati Acrylon Share Price: प्रोडक्शन फिर शुरू! शेयरधारकों को राहत, कंपनी ने बढ़ाई उम्मीदें!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Pasupati Acrylon Share Price: प्रोडक्शन फिर शुरू! शेयरधारकों को राहत, कंपनी ने बढ़ाई उम्मीदें!
Overview

Pasupati Acrylon Limited ने अपने ऐक्रेलिक फाइबर प्लांट (Acrylic Fiber Plant) का प्रोडक्शन एक बार फिर शुरू कर दिया है। यह प्लांट **24 मार्च 2026** से बंद था, लेकिन अब **13 अप्रैल 2026** से प्रोडक्शन फिर से चालू हो गया है, जिससे कंपनी के निवेशकों को राहत मिली है।

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सप्लाई चेन में आई रुकावट का अंत

मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे माल की शिपमेंट में आई देरी की वजह से Pasupati Acrylon का ऐक्रेलिक फाइबर प्लांट 24 मार्च 2026 से बंद था। लेकिन अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने 13 अप्रैल 2026 को प्लांट को फिर से चालू कर दिया है, जिससे प्रोडक्शन सामान्य हो गया है। यह प्रोडक्शन की बहाली कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है ताकि वह बाजार की मांग को पूरा कर सके और स्थिरता ला सके।

क्यों हुई थी समस्या?

Pasupati Acrylon, जो भारत में ऐक्रेलिक फाइबर बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है, कच्चे माल जैसे कि एक्रिलोनाइट्राइल (ACN) के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर करती है। कंपनी के 70% से अधिक कच्चे माल अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आते हैं। इस वजह से, कंपनी वैश्विक सप्लाई चेन में आने वाली बाधाओं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है। मध्य पूर्व संघर्ष ने शिपमेंट को सीधे तौर पर प्रभावित किया था। यह ध्यान देने योग्य है कि कंपनी ने पिछले साल जून 2025 में कूलिंग टावर में आग लगने के कारण भी एक परिचालन संबंधी समस्या का सामना किया था।

भू-राजनीतिक और वित्तीय जोखिम

प्लांट के फिर से चालू होने के बावजूद, कंपनी अभी भी भू-राजनीतिक घटनाओं से जुड़े जोखिमों का सामना कर रही है जो वैश्विक शिपिंग और कच्चे माल की उपलब्धता को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और USD/INR एक्सचेंज रेट में बदलाव भी कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकते हैं, क्योंकि यह आयात पर बहुत अधिक निर्भर है।

प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन

फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, Pasupati Acrylon ने मजबूत ग्रोथ दर्ज की। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 54.85% बढ़कर ₹269.23 करोड़ हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट 153.60% बढ़कर ₹25.69 करोड़ हो गया। इस ग्रोथ का मुख्य कारण इसके इथेनॉल सेगमेंट का प्रदर्शन रहा।

इस बीच, कंपनी के प्रतिस्पर्धियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Vardhman Acrylics ने Q3 FY26 में 6.73% की गिरावट के साथ ₹76.28 करोड़ का रेवेन्यू और 32.59% की गिरावट के साथ ₹7.41 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया। वहीं, Indian Acrylics का Q3 FY26 रेवेन्यू 7.33% घटकर ₹89.3 करोड़ रहा और कंपनी को ₹-2.2 करोड़ का नेट लॉस हुआ।

मुख्य परिचालन आंकड़े

कंपनी के पास ऐक्रेलिक फाइबर, टो और टॉप्स बनाने की सालाना क्षमता लगभग 45,000 मीट्रिक टन है। फाइनेंशियल ईयर 2025 तक, कंपनी अपने 70% से अधिक कच्चे माल का आयात करती थी।

आगे क्या?

निवेशक अब कंपनी से कच्चे माल की लगातार सप्लाई और कीमतों पर अपडेट की उम्मीद करेंगे। प्लांट के फिर से शुरू होने के बाद ऐक्रेलिक फाइबर सेगमेंट में कंपनी के परिचालन प्रदर्शन पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। भविष्य में किसी भी संभावित व्यवधान के जोखिम का आकलन करने के लिए वैश्विक लॉजिस्टिक्स पर भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रभाव की निगरानी करना महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.