शेयरधारकों ने दिखाया भरोसा
Pashupati Cotspin Limited ने पोस्टल बैलेट प्रक्रिया के माध्यम से दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर शेयरधारकों की जबरदस्त सहमति हासिल की है। इन प्रस्तावों में कंपनी के इक्विटी शेयरों का सब-डिवीजन (Sub-division) यानी स्टॉक स्प्लिट और उसके मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में बदलाव शामिल है।
100% वोट से मिली हरी झंडी
स्टॉक स्प्लिट और MoA में बदलाव, दोनों ही प्रस्तावों पर वोटिंग करने वाले शेयरधारकों का 100% समर्थन मिला। कुल 15 सदस्यों ने पोस्टल बैलेट में भाग लिया और अपने सभी 74,14,800 वोटों को इन प्रस्तावों के पक्ष में डाला। वोटिंग की अवधि 29 मार्च, 2026 को समाप्त हुई और नतीजे 31 मार्च, 2026 को घोषित किए गए।
स्टॉक स्प्लिट और MoA बदलाव का मकसद
1:10 का स्टॉक स्प्लिट, कंपनी के ₹10 प्रति शेयर के फेस वैल्यू को घटाकर ₹1 प्रति शेयर करने का लक्ष्य रखता है। इसका मुख्य उद्देश्य शेयरों को छोटे निवेशकों के लिए अधिक किफ़ायती और सुलभ बनाना है, जिससे ट्रेडिंग एक्टिविटी (Trading Activity) को बढ़ावा मिल सके। वहीं, मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव कंपनी के मूल दस्तावेज़ों में ज़रूरी अपडेट्स लाता है, जो कंपनी के उद्देश्यों, शक्तियों और संरचना को परिभाषित करता है।
कंपनी का पिछला रिकॉर्ड
कॉटन जिनिंग (Cotton Ginning) और यार्न मैन्युफैक्चरिंग (Yarn Manufacturing) के क्षेत्र में काम करने वाली Pashupati Cotspin ने पहले भी अपनी संरचना में बदलाव किए हैं। दिसंबर 2018 में, कंपनी ने अपने अधिकृत शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) को ₹11 करोड़ से बढ़ाकर ₹15.5 करोड़ करने के लिए MoA को अपडेट किया था। हाल ही में, 26 फरवरी, 2026 को बोर्ड ने वर्तमान 1:10 स्टॉक स्प्लिट और MoA में बदलाव को मंजूरी दी थी, जिसे अब शेयरधारकों ने भी हरी झंडी दे दी है।
इन बदलावों का असर
- शेयर का मूल्य: हर मौजूदा शेयर 10 शेयरों में बंट जाएगा, जिससे प्रति शेयर मूल्य कम हो जाएगा।
- निवेशक पहुंच: कम शेयर मूल्य अधिक रिटेल निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।
- ट्रेडिंग वॉल्यूम: शेयरों की बढ़ती पहुंच से ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- कंपनी के नियम: MoA में मंजूरी के अनुसार बदलाव किए जाएंगे।
इंडस्ट्री ट्रेंड
भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर में कई कंपनियां निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्टॉक स्प्लिट का सहारा ले रही हैं। Vardhman Polytex Ltd. और Welspun India Ltd. जैसी कंपनियों ने भी इसी तरह के कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Actions) अपनाए हैं, जिससे अक्सर शेयर स्वामित्व (Share Ownership) का दायरा बढ़ता है।
