कंपनी ने बताया है कि यह ट्रेडिंग विंडो नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही दोबारा खोली जाएगी। इस दौरान कंपनी के 'डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज' (designated employees) यानी प्रमुख कर्मचारी और उनके करीबी रिश्तेदार कंपनी के शेयर्स (shares) की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे।
यह कदम SEBI (प्रोहबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग) रेगुलेशन 2015 के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कीमत-संवेदनशील (price-sensitive) गैर-सार्वजनिक जानकारी का इस्तेमाल शेयर ट्रेडिंग में न हो, जिससे बाजार की अखंडता (market integrity) और निवेशकों का भरोसा बना रहे।
Mish Designs Limited मुख्य रूप से होम फर्निशिंग और अपैरल (apparel) सहित टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स (textile products) का निर्माण और बिक्री करती है। यह कंपनी SEBI के नियमों का पालन करने की अपनी ट्रैक रिकॉर्ड के लिए जानी जाती है और पहले भी तिमाही और सालाना नतीजों से पहले इसी तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर (trading window closure) प्रक्रिया का पालन कर चुकी है।
यह व्यवस्था कंपनी की मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) और SEBI अनुपालन (compliance) के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ऐसे में, निवेशक कंपनी के आगामी वित्तीय नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
टेक्सटाइल सेक्टर में यह एक आम प्रचलन है। Vardhman Textiles Limited, Raymond Limited और KPR Mill Limited जैसी अन्य कंपनियां भी SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग मानदंडों (norms) का पालन करने के लिए वित्तीय नतीजों से पहले नियमित रूप से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद करती हैं।
निवेशक और हितधारक (stakeholders) अब कुछ अहम घटनाओं पर नजर रखेंगे, जैसे कि FY26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने के लिए बोर्ड मीटिंग की तारीख, नतीजों का आधिकारिक ऐलान, और ट्रेडिंग विंडो के खुलने की तारीख।
