Lahoti Overseas Share: 1 अप्रैल से शेयर पर रोक! जानें कब तक रहेगी ट्रेडिंग विंडो बंद?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Lahoti Overseas Share: 1 अप्रैल से शेयर पर रोक! जानें कब तक रहेगी ट्रेडिंग विंडो बंद?
Overview

Lahoti Overseas Limited ने कंपनी के शेयर से जुड़े कारोबार के लिए अपनी ट्रेडिंग विंडो (Trading Window) को **1 अप्रैल, 2026** से बंद करने का ऐलान किया है। यह पाबंदी फाइनेंशियल ईयर **2025-26** के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) को बोर्ड से मंजूरी मिलने और फाइल होने के **48 घंटे** बाद तक जारी रहेगी।

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इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने के लिए उठाया कदम

यह फैसला कंपनी की ओर से इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकने के लिए उठाया गया एक अहम कदम है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के अनुसार, यह एक स्टैंडर्ड रेगुलेटरी प्रैक्टिस है, जिसका पालन सभी सूचीबद्ध कंपनियों को करना होता है।

कब तक रहेगी पाबंदी?

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल, 2026 से बंद कर दी जाएगी। इसे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहा है, उसके ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) द्वारा अप्रूव करने और फाइल करने के 48 घंटे के बाद ही दोबारा खोला जाएगा।

किसे होगी मुश्किल?

इस अवधि के दौरान, कंपनी के 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (Designated Persons) यानी कि प्रमुख अधिकारी और उनके करीबी रिश्तेदार कंपनी के शेयर्स की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (Unpublished Price-Sensitive Information) का अनुचित लाभ न उठाया जा सके, जिससे शेयर बाजार में निष्पक्षता बनी रहे।

कंपनी का कारोबार और इतिहास

Lahoti Overseas Limited, जो 1990 में स्थापित हुई थी, मुख्य रूप से कॉटन यार्न और फैब्रिक्स के एक्सपोर्ट ट्रेडिंग का काम करती है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी सेवाएं देती है। कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के क्षेत्र में भी सक्रिय है, जिसमें विंडमिल और सोलर पैनल से बिजली उत्पादन शामिल है।

हालांकि यह एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि अगर बोर्ड की मीटिंग में फाइनेंशियल रिजल्ट्स को अप्रूव करने में कोई बड़ी देरी होती है, तो यह ट्रेडिंग बैन (Trading Ban) की अवधि उम्मीद से ज्यादा लंबी हो सकती है। अतीत में, 2017 में, SEBI ने Lahoti Exports और इससे जुड़े कुछ व्यक्तियों पर शेयर अधिग्रहण से जुड़े नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना भी लगाया था।

आगे क्या देखना होगा?

टेक्सटाइल सेक्टर में Lahoti Overseas के साथ-साथ Vardhman Textiles Ltd., Welspun Living Ltd., Arvind Ltd., और K.P.R. Mill Ltd. जैसी कंपनियां भी काम करती हैं। आगे निवेशकों को यह देखना होगा कि बोर्ड मीटिंग की तारीख कब तय होती है, जिसमें फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स की आधिकारिक घोषणा और ट्रेडिंग विंडो के फिर से खुलने का इंतजार रहेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.