Gangotri Textiles Ltd के प्रमोटर्स Anita Tibrewal और Manoj Tibrewal ने अपनी शेयर होल्डिंग को लेकर जरूरी खुलासे किए हैं। SEBI के नियमों के तहत, Anita Tibrewal के पास कंपनी की कुल पूंजी का 16.047% यानी 52.33 लाख से ज़्यादा शेयर हैं। वहीं, Manoj Kumar Tibrewal की हिस्सेदारी 7.248% है, जो 23.63 लाख शेयरों के बराबर है। ये खुलासे 31 मार्च, 2026 तक की स्थिति को दर्शाते हैं।
दिवालियापन के बीच खुलासे
यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब Gangotri Textiles गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। कंपनी ने अपना सारा उत्पादन बंद कर दिया है और जीरो टर्नओवर दर्ज किया है। फिलहाल, यह नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के तहत कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है। स्थिति इतनी खराब है कि बैंक अपने पैसे वसूलने के लिए कंपनी की संपत्तियों की नीलामी कर रहे हैं।
पिछला रिकॉर्ड
कंपनी और इसके प्रमोटर्स का नियामक इतिहास भी रहा है। 2016 में, SEBI ने कंपनी के शेयरों में धोखाधड़ी वाले व्यापार और मूल्य में हेरफेर के आरोपों के चलते कई संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया था। बाद में, 2019 में, सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने लिस्टिंग एग्रीमेंट और डिस्क्लोजर उल्लंघनों के लिए कंपनी और उसके प्रमोटर्स पर लगाए गए जुर्माने को कम कर दिया था।
मौजूदा हालात और जोखिम
फिलहाल, कंपनी की सबसे बड़ी चुनौती CIRP प्रक्रिया है, खासकर तब जब कंपनी का टर्नओवर शून्य है और वह भारी वित्तीय संकट में है। पिछले नियामक मुद्दे भी कॉर्पोरेट गवर्नेंस की चिंताओं को बढ़ाते हैं।
इंडस्ट्री से तुलना
Gangotri Textiles का टेक्सटाइल सेक्टर में संचालन है, लेकिन इसकी वर्तमान स्थिति इंडस्ट्री के अन्य सक्रिय खिलाड़ियों जैसे Alok Industries Ltd और Indo Count Industries Ltd से बिल्कुल अलग है। ये कंपनियां सक्रिय रूप से उत्पादन कर रही हैं, जबकि Gangotri Textiles बंद पड़ी है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
31 दिसंबर, 2025 तक, Gangotri Textiles ने ₹5.60 लाख का घाटा दर्ज किया था और फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) के लिए जीरो टर्नओवर दिखाया था। ऐतिहासिक रूप से, कुल प्रमोटर होल्डिंग लगभग 24.53% थी।