Filatex Fashions Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 28 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में कंपनी के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनका मकसद विदेशी निवेश को बढ़ाना और प्रमोटर स्ट्रक्चर को बदलना है।
विदेशी निवेश पर बड़ी राहत
बोर्ड ने नॉन-रेजिडेंट इंडियंस (NRIs) और ओवरसीज सिटीजन्स ऑफ इंडिया (OCIs) के लिए मौजूदा 10% की निवेश सीमा को बढ़ाकर 24% करने का प्रस्ताव पारित किया है। इसके साथ ही, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) के लिए भी निवेश सीमा को मौजूदा सेक्टरल कैप तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। इन प्रस्तावों को अमल में लाने के लिए शेयरधारकों की सहमति आवश्यक होगी।
प्रमोटरों की पहचान में बदलाव
इसी कड़ी में, बोर्ड ने प्रमोटर मिस्टर प्रशांत कुमार सेठिया (Mr. Prashant Kumar Sethia) और मिस्टर राजकुमार सेठिया (Mr. Rajkumar Sethia) को 'प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप' की श्रेणी से निकालकर 'पब्लिक' श्रेणी में डालने की मंजूरी भी दी है। इस बदलाव के लिए भी शेयरधारकों की रज़ामंदी ली जाएगी। कंपनी ने अपने आने वाले फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड (FCCB) इश्यू के लिए Accurate Securities & Registry Private Limited को रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (RTA) भी नियुक्त किया है।
कैपिटल जुटाने की तैयारी
इन रणनीतिक कदमों का उद्देश्य Filatex Fashions की विदेशी पूंजी तक पहुँच को बेहतर बनाना है। ऊँची निवेश सीमाएं अधिक विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर सकती हैं, जिससे शेयर की लिक्विडिटी (liquidity) बढ़ सकती है और कंपनी के स्वामित्व का आधार विविधिकृत हो सकता है। प्रमोटरों के रीक्लासिफिकेशन (reclassification) का यह कदम, यदि शेयरधारकों द्वारा अनुमोदित होता है, तो कंपनी की स्वामित्व संरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। FCCB के लिए RTA की नियुक्ति, कंपनी की कर्ज जुटाने की योजनाओं में ठोस प्रगति का संकेत है, जो भविष्य के विस्तार या परिचालन वित्तपोषण में मदद कर सकती है।
पिछले कदम और रेगुलेटरी इतिहास
Filatex Fashions पहले भी FCCB के माध्यम से फंड जुटाने की कोशिशें करती रही है। अक्टूबर 2022 में भी बोर्ड ने $100 मिलियन तक के FCCB जुटाने की योजना को मंजूरी दी थी। कंपनी के रेगुलेटरी इतिहास में, जनवरी 2019 में SEBI ने पूर्व प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रभात सेठिया (Prabhat Setia) और दो अन्य पर टेकओवर नियमों के उल्लंघन के लिए ₹2 करोड़ का जुर्माना लगाया था।
आगे क्या? शेयरधारकों की बैठक अहम
प्रस्तावित सभी बदलावों के लिए 21 मई 2026 को होने वाली एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना सबसे महत्वपूर्ण कदम होगा। शेयरधारकों की सहमति के अलावा, FCCB इश्यू के लिए आगे रेगुलेटरी समीक्षाओं से भी गुजरना पड़ेगा। निवेशक 21 मई 2026 को होने वाली EGM के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
