Damodar Industries के प्रमोटर अरुण कुमार बि यानी ने कंपनी की वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने 2,70,000 इक्विटी शेयर, जो कंपनी की कुल कैपिटल का 1.15% हिस्सा हैं, गिरवी रखकर ₹24.88 करोड़ का लोन हासिल किया है। शेयरों की यह गिरवी 27 मार्च, 2026 को रखी गई थी और इसका खुलासा 18 मई, 2026 को किया गया।
इस ताजा गिरवी रखने के बाद, बि यानी की कंपनी में कुल गिरवी रखी गई शेयरों की संख्या बढ़कर 52,10,000 हो गई है, जो कंपनी की कुल शेयर कैपिटल का 22.36% है। यह दर्शाता है कि कंपनी को अपने संचालन को बनाए रखने के लिए लगातार फंड्स की आवश्यकता पड़ रही है।
खास बात यह है कि ₹24.88 करोड़ का यह लोन, गिरवी रखे गए शेयरों के उस दिन के बाजार मूल्य ₹11.42 करोड़ से काफी ज्यादा है। इससे यह पता चलता है कि गिरवी रखे गए कोलैटरल (Collateral) पर एक हाई लेवरेज (High Leverage) लिया गया है। प्रमोटर अरुण कुमार बि यानी की कुल शेयर होल्डिंग 34.61% (यानी 80,64,500 शेयर) है, जिसमें से 22.36% हिस्सा अब कर्ज के तले दब गया है। लोन-टू-वैल्यू रेश्यो (Loan-to-Value Ratio) लगभग 0.46 है।
Damodar Industries मुख्य रूप से टेक्सटाइल, गारमेंट्स और सिंथेटिक फैब्रिक्स के निर्माण और व्यापार के क्षेत्र में काम करती है। इसके अलावा कंपनी रियल एस्टेट में भी अपनी मौजूदगी रखती है।
यह पहली बार नहीं है जब प्रमोटर्स ने शेयर गिरवी रखे हैं। पिछले 1-2 सालों में कंपनी के प्रमोटर्स द्वारा वर्किंग कैपिटल या लोन चुकाने के लिए शेयर गिरवी रखने का एक पैटर्न लगातार देखा गया है।
इस कदम से कंपनी को ₹24.88 करोड़ की वर्किंग कैपिटल मिल जाएगी, जिससे कैश फ्लो (Cash Flow) की दिक्कतें कम हो सकती हैं। हालांकि, प्रमोटर के बढ़ते कर्ज और गिरवी रखे गए शेयरों की भारी मात्रा निवेशकों की चिंता बढ़ा सकती है। प्रमोटर की अपनी होल्डिंग को लेकर वित्तीय लचीलापन (Financial Flexibility) कम हो गया है।
निवेशक अब इस बात पर नजर रखेंगे कि ₹24.88 करोड़ की वर्किंग कैपिटल का उपयोग कंपनी के परिचालन को कितना बेहतर बनाता है। साथ ही, प्रमोटर द्वारा शेयर गिरवी रखने में भविष्य में कोई बदलाव होता है या नहीं, और कंपनी की कर्ज चुकाने की क्षमता कैसी रहती है, यह देखना अहम होगा।
इसी टेक्सटाइल सेक्टर की दूसरी कंपनियां जैसे Raymond Ltd, Arvind Ltd और Trident Ltd भी हैं, लेकिन उनकी वित्तीय संरचनाएं और मार्केट कैप (Market Cap) काफी अलग हो सकती हैं।