Birla Cotsyn India Limited ने अपने शेयरधारकों और संबंधित पक्षों को सूचित किया है कि 1 अप्रैल 2026 से कंपनी की ट्रेडिंग विंडो बंद रहेगी। यह कदम कंपनी के फाइनेंशियल ईयर (FY) 2026 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को जारी करने की तैयारी के तहत उठाया गया है, जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रहा है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) को रोकना और बाजार में निष्पक्षता (fair disclosure) बनाए रखना है। नतीजों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद ही ट्रेडिंग विंडो दोबारा खोली जाएगी।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब Birla Cotsyn India Limited, जो यश बिड़ला ग्रुप (Yash Birla Group) का हिस्सा है, पहले से ही कई जटिलताओं से गुजर रही है। कंपनी सितंबर 2019 से नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश के तहत लिक्विडेशन (liquidation) प्रक्रिया में है। इससे पहले, कंपनी SEBI की जांच के दायरे में भी रही है, जिसमें 2010 के ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (GDR) इश्यू में अनियमितताओं और हेरफेर के कारण जुर्माना लगाया गया था।
इस ट्रेडिंग विंडो क्लोजर के तहत, कंपनी के प्रमोटर्स (promoters), डायरेक्टर्स (directors) और अन्य प्रमुख कर्मचारियों जैसे Designated Persons को 1 अप्रैल 2026 से कंपनी के सिक्योरिटीज (securities) जैसे शेयर और डिबेंचर (debentures) का ट्रेड करने की इजाजत नहीं होगी। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक कि FY26 के वित्तीय नतीजों की सार्वजनिक घोषणा नहीं हो जाती और ट्रेडिंग विंडो फिर से नहीं खुल जाती।
निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) की मीटिंग की तारीख कब तय होती है, जो इन वित्तीय स्टेटमेंट्स को मंजूरी देगी। नतीजों के सार्वजनिक होने के बाद ही ट्रेडिंग की राह खुलेगी।
