Q4 FY26 में भिलवाड़ा स्पिनर्स का प्रदर्शन
Bhilwara Spinners ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही (Q4 FY26) में ₹35.51 करोड़ का स्टैंडअलोन टोटल इनकम दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी तिमाही के ₹7.72 करोड़ की तुलना में 359.99% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी है। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने इस तिमाही में ₹6.67 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाया है, जो पिछले साल की Q4 FY25 में हुए ₹0.33 करोड़ के घाटे से एक बड़ा बदलाव है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे
पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें तो, Bhilwara Spinners की कुल आय बढ़कर ₹75.59 करोड़ हो गई, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹25.07 करोड़ से 201.55% ज्यादा है। FY26 के लिए नेट प्रॉफिट ₹4.91 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1.73 करोड़ से 183.60% ज्यादा है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस प्रॉफिट में ₹3.13 करोड़ का MAT Credit (Minimum Alternate Tax Credit) भी शामिल है, जिसने मुनाफे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
चिंता का सबब: बढ़ती उधारी
लेकिन, निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कंपनी की बढ़ती उधारी (Borrowings) है। Bhilwara Spinners पर कर्ज FY25 के आखिर में ₹8.91 करोड़ था, जो FY26 के अंत तक बढ़कर ₹40.33 करोड़ हो गया है। यह लगभग चार गुना बढ़ोतरी कंपनी के फाइनेंशियल इवरेज (Financial Leverage) को बढ़ाती है और भविष्य में ब्याज (Interest) के भुगतान का बोझ बढ़ा सकती है।
बिज़नेस और जोखिम
Bhilwara Spinners मुख्य तौर पर टेक्सटाइल सेक्टर में यार्न (Yarn) मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इतना शानदार रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी की पॉज़िटिव ग्रोथ स्ट्रेटेजी को दर्शाता है, लेकिन बढ़ती उधारी भविष्य के मुनाफे और कैश फ्लो पर दबाव डाल सकती है। साथ ही, प्रॉफिट में टैक्स क्रेडिट का बड़ा हिस्सा होना कंपनी की अंडरलाइंग ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर सवाल खड़ा करता है, जो इसे टैक्स रेगुलेशन के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब कंपनी के मैनेजमेंट से इस बड़े कर्ज बढ़ने की वजह और फंड के इस्तेमाल को लेकर स्पष्टीकरण का इंतजार रहेगा। इसके अलावा, कंपनी की उधारी चुकाने की रणनीति और आने वाली तिमाहियों में बिना टैक्स बेनिफिट के ऑपरेशनल प्रॉफिट की स्थिरता पर भी नज़र रखनी होगी।