मीटिंग में क्या होगा खास?
यह समीक्षा कॉर्पोरेट जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मॉनिटरिंग एजेंसी की रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि जुटाए गए कैपिटल (Capital) का इस्तेमाल कैसे किया गया। एक सकारात्मक रिपोर्ट निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकती है, जबकि किसी भी गड़बड़ी से चिंताएं बढ़ सकती हैं। यह सब SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के तहत किया जा रहा है।
Rights Issue का बैकग्राउंड
Bhandari Hosiery Exports ने फरवरी 2026 में ₹49.30 करोड़ का Rights Issue लाने की घोषणा की थी। यह मौजूदा शेयरधारकों के लिए था, जिसमें शेयर की कीमत ₹2.56 प्रति शेयर और एंटाइटलमेंट रेशियो (Entitlement Ratio) 4:5 था। यह इश्यू मार्च 2026 में खुला।
यह राइट्स इश्यू एक ऐसे पहले के प्लान के बाद आया था जिसे 6 अप्रैल 2026 को अंडर-सब्सक्रिप्शन (Under-subscription) के कारण संशोधित किया गया था। उस संशोधित प्लान में ₹678 लाख MSME क्रेडिटर, सप्लायर और इश्यू खर्चों के लिए रखे गए थे, और फंड इस्तेमाल की समय सीमा जून 2026 तक बढ़ाई गई थी।
कंपनी ने मार्च 2026 में अपने राइट्स इश्यू का अलॉटमेंट पूरा किया था, जिसमें ₹2.56 प्रति शेयर की दर से 9.29 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर जारी किए गए थे। इससे कंपनी का पेड-अप कैपिटल (Paid-up Capital) बढ़कर ₹333 करोड़ हो गया था।
Bhandari Hosiery Exports का इतिहास राइट्स इश्यू करने का रहा है। इसमें जून-जुलाई 2024 में ₹48.19 करोड़ का इश्यू ₹6.26 प्रति शेयर पर और 2023 व 2022 में भी कुछ इश्यू शामिल हैं।
आगे क्या देखें?
निवेशक मॉनिटरिंग एजेंसी की रिपोर्ट में दिए गए खास निष्कर्षों और सिफारिशों पर नजर रखेंगे, साथ ही आगामी मीटिंग में बोर्ड के फाइनल फैसले का इंतजार करेंगे। इस समीक्षा के बाद कंपनी की तरफ से किसी भी घोषणा पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
