प्रमोटर होल्डिंग में बड़ा इजाफा
Bhandari Hosiery Exports Limited ने बताया है कि प्रमोटर ग्रुप की एक इकाई, Tikani Exports Limited, ने अपनी हिस्सेदारी में बड़ा इजाफा किया है। 23 मार्च 2026 को हुए हालिया राइट्स इश्यू के आवंटन के बाद, Tikani Exports की शेयरहोल्डिंग 31.02% से बढ़कर 41.83% हो गई है। प्रमोटर ग्रुप ने वोटिंग कैपिटल का 10.81% अतिरिक्त हिस्सा अधिग्रहित किया है। यह जानकारी 27 मार्च 2026 को दी गई।
इक्विटी कैपिटल में भी वृद्धि
इसके साथ ही, कंपनी के कुल इक्विटी शेयर कैपिटल में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो लगभग ₹24.00 करोड़ से बढ़कर ₹33.30 करोड़ हो गया है। यह भी बताया गया कि Tikani Exports Limited को SEBI के नियमों के तहत ओपन ऑफर (Open Offer) के लिए ट्रिगर करने से छूट मिली है, जो इस अधिग्रहण पर लागू होने वाली विशेष छूटों के कारण है।
क्या हैं इसके मायने?
प्रमोटर की हिस्सेदारी में यह भारी बढ़ोतरी कंपनी पर स्वामित्व वाले समूह के नियंत्रण और विश्वास को दर्शाती है। राइट्स इश्यू से मिले फंड से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने की उम्मीद है, जो ग्रोथ पहलों को सहारा दे सकती है या वर्किंग कैपिटल (Working Capital) में सुधार कर सकती है। हालांकि, नए शेयर जारी होने का मतलब यह भी है कि जिन शेयरधारकों ने राइट्स इश्यू में भाग नहीं लिया, उनकी इक्विटी में डाइल्यूशन (Dilution) होगा। ओपन ऑफर से छूट का मतलब है कि प्रमोटरों को इस चरण में अनिवार्य अधिग्रहण बोली लगाने की आवश्यकता नहीं है।
कंपनी और उसके प्रतिस्पर्धी
Bhandari Hosiery Exports Limited, भारत में बुने हुए कपड़ों, खासकर मोजों, के निर्माण और निर्यात पर केंद्रित एक भारतीय कंपनी है। प्रमोटर ग्रुप, जिसमें ऐतिहासिक रूप से श्री सीताराम कोठारी और Tikani Exports Limited जैसी इकाइयां शामिल हैं, ने लगातार महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बनाए रखी है। कंपनी ने पहले भी कैपिटल जुटाने के लिए राइट्स इश्यू का उपयोग किया है, जिसमें 2023 के अंत में वर्किंग कैपिटल को बढ़ाने के लिए एक इश्यू शामिल था।
Bhandari Hosiery Exports, प्रतिस्पर्धी भारतीय होजरी और गारमेंट सेक्टर में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में Page Industries Ltd. (जो Jockey ब्रांड के लिए जानी जाती है), Rupa & Co. Ltd. और Dollar Industries Ltd. शामिल हैं।
आगे क्या?
संक्षेप में, मार्च 2026 में प्रमोटर होल्डिंग 10.81% बढ़कर 41.83% हो गई, जबकि इसी अवधि में इक्विटी शेयर कैपिटल ₹24.00 करोड़ से बढ़कर ₹33.30 करोड़ हो गया। भविष्य में, निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि राइट्स इश्यू के माध्यम से जुटाए गए फंड का उपयोग प्रबंधन द्वारा कैसे किया जाएगा। आने वाली तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन, कोई भी नई रणनीतिक पहल और समायोजित पूंजी संरचना पर बाजार की प्रतिक्रिया मुख्य ट्रैक करने योग्य क्षेत्र होंगे।
