Aviva Industries ने भारत के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) को सौंपी गई अपनी लेटेस्ट फाइलिंग में इस बात की पुष्टि की है कि प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) से जुटाई गई ₹37.55 करोड़ की राशि का इस्तेमाल ठीक उसी तरह किया गया है, जैसा प्लान किया गया था। यह रिपोर्ट 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए फंड के इस्तेमाल का ब्यौरा देती है।
कंपनी ने बताया कि जुटाई गई पूंजी को किसी भी तरह से दूसरी जगह इस्तेमाल नहीं किया गया। यह ₹37.55 करोड़ की कुल राशि चार अलग-अलग प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए जनवरी और फरवरी 2026 में जुटाई गई थी। इस पैसे को कंपनी की वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने के लिए रखा गया था।
यह कन्फर्मेशन इसलिए अहम है क्योंकि यह निवेशकों और रेगुलेटर्स को कंपनी की फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी (Financial Transparency) और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के प्रति उसके समर्पण का भरोसा दिलाता है। फंड का सबसे बड़ा हिस्सा, जिसमें ₹16.93 करोड़ और ₹10.14 करोड़ शामिल हैं, कंपनी के ऑपरेशनल (Operational) खर्चों को संभालने के लिए इस्तेमाल किया गया।
इस तरह के अनुपालन से कंपनी के गवर्नेंस (Governance) पर शेयरधारकों का भरोसा बढ़ता है। इसका मतलब है कि Aviva Industries फंड के इस्तेमाल पर SEBI की रिपोर्टिंग आवश्यकताओं को पूरा कर रही है, और जरूरी वर्किंग कैपिटल अब कंपनी के रोजमर्रा के ऑपरेशंस (Operations) को सहारा दे रहा है।
निवेशक उम्मीद करेंगे कि कंपनी अब इस वर्किंग कैपिटल का इस्तेमाल करके अपने ऑपरेशनल और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में सुधार दिखाएगी। भविष्य की फाइलिंग्स में कंपनी की निरंतर अनुपालन और पूंजी की तैनाती की रणनीतियों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
