Tata Communications के FY26 नतीजे: मुनाफे में भारी गिरावट, डिविडेंड का ऐलान
Tata Communications ने अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश कर दिए हैं, जो चिंता बढ़ाने वाले हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में ₹1,836.36 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली इस कंपनी का प्रॉफिट FY26 में 45% घटकर सिर्फ ₹1,001.57 करोड़ रह गया। हालांकि, इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड ग्रॉस रेवेन्यू 7% की बढ़ोतरी के साथ ₹24,802.72 करोड़ पर पहुंच गया।
निवेशकों को खुश करने के लिए, कंपनी के बोर्ड ने ₹17.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। एक अहम governance फैसले में, कंपनी ने Deloitte Haskins & Sells को अगले पांच सालों के लिए अपना नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है।
प्रॉफिट में इस बड़ी गिरावट के पीछे कंपनी कॉस्ट (cost) कंट्रोल में चुनौतियों और कुछ बाहरी फैक्टरों को वजह बता रही है। खास तौर पर, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DOT) से जुड़े ₹7,513.71 करोड़ के कंटिंजेंट लायबिलिटीज (contingent liabilities) और एक सब्सिडियरी में चल रहा ₹362.29 करोड़ का टैक्स लिटिगेशन भविष्य की कमाई के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
FY26 की चौथी तिमाही (Q4) के आंकड़े भी इसी दिशा में इशारा करते हैं। इस तिमाही में PAT ₹259.27 करोड़ रहा, जबकि Q4 FY25 में यह ₹761.17 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू ₹6,554.15 करोड़ रहा। मैनेजमेंट में भी कुछ बदलाव हुए हैं, जैसे विवेक मंगल की नई नियुक्ति और मुकुल कुमार का रिटायरमेंट।
यह ध्यान देने वाली बात है कि Tata Communications का मुनाफा जहां गिरा है, वहीं इसके बड़े कॉम्पिटिटर Bharti Airtel का FY24 का PAT ₹13,073 करोड़ रहा था, जो Tata Communications के FY26 के प्रॉफिट से कहीं ज्यादा है।
