ESG पर फोकस, पर जेब खाली!
TTML ने FY25-26 के लिए अपनी BRSR रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी ने अपने ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) पहलों की जानकारी दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का टर्नओवर ₹1,160.23 करोड़ रहा, लेकिन वहीं दूसरी तरफ ₹-19,983.38 करोड़ का विशाल नेगेटिव नेट वर्थ भी सामने आया है।
ESG पहलों का ब्यौरा
BRSR रिपोर्ट में TTML की ESG से जुड़ी कई खास बातों का जिक्र है। इसमें 188.8 मीट्रिक टन कुल उत्पन्न कचरा और 11,245 tCO2e ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन (स्कोप 1 और 2) शामिल है। कंपनी की एनर्जी कंजम्पशन इंटेंसिटी 45.7 GJ/करोड़ रुपये रही। BSI ग्रुप ने इस सस्टेनेबिलिटी जानकारी की पुष्टि की है। पर्यावरण के क्षेत्र में, कंपनी ने 'जीरो वेस्ट टू लैंडफिल' सर्टिफिकेशन हासिल किया है और CPCB स्टेज IV कंप्लायंट DG सेट्स लगाए हैं।
वित्तीय स्थिति और ESG का टकराव
निवेशकों और हितधारकों के लिए, यह रिपोर्ट TTML के ESG नियमों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हालांकि, कंपनी के गंभीर वित्तीय संघर्षों, खासकर इसके बड़े नेगेटिव नेट वर्थ, के सामने ये ESG प्रयास काफी फीके पड़ते दिखते हैं। सवाल यह उठता है कि ऐसे गहरे वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनी के लिए ऐसी रिपोर्टिंग का क्या मतलब है?
टाटा ग्रुप का हिस्सा होने के बावजूद, TTML वर्षों से लगातार घाटे और वित्तीय पुनर्गठन से गुजर रही है। कंपनी का नेगेटिव नेट वर्थ एक ऐसी स्थिति है जिसके लिए प्रमोटर से लगातार भारी वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। टाटा संस ने बार-बार पूंजी निवेश और वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिससे TTML संचालन जारी रख सकी है।
संभावित जोखिम
रिपोर्ट में संभावित जोखिमों पर भी प्रकाश डाला गया है, जैसे साइबर खतरों से संबंधित डेटा प्राइवेसी की चिंताएं और सिस्टम फेल होने का खतरा, जो सेवा की निरंतरता को प्रभावित कर सकते हैं। संसाधन प्रबंधन में चुनौतियाँ, जैसे सामग्री का अकुशल उपयोग और सप्लाई चेन में बाधाएं, परिचालन लागत बढ़ा सकती हैं।
इंडस्ट्री में अन्य कंपनियां
भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियां भी नियमित रूप से BRSR रिपोर्ट जमा करती हैं, जो इंडस्ट्री में ESG रिपोर्टिंग के प्रति व्यापक अनुपालन को दर्शाता है। TTML की रिपोर्ट अपनी ESG पहलों का विशिष्ट विवरण प्रदान करती है, लेकिन इसकी अनूठी वित्तीय स्थिति के कारण, इसकी सस्टेनेबिलिटी यात्रा को इसके लगातार वित्तीय चुनौतियों के चश्मे से ही देखा जाएगा।
फाइनेंशियल ईयर 2025-2026 के लिए टर्नओवर ₹1,160.23 करोड़ और नेट वर्थ ₹-19,983.38 करोड़ रहा। इस अवधि में कर्मचारी कल्याण उपायों पर किया गया खर्च कुल राजस्व का 0.19% था।
