MTNL की वित्तीय संकट गहराया, बॉन्ड ब्याज भुगतान पर बड़ा झटका
Mahanagar Telephone Nigam Ltd (MTNL) की गंभीर वित्तीय स्थिति एक बार फिर सामने आई है। कंपनी अपने बॉन्ड सीरीज V पर 12 अप्रैल, 2026 को देय ब्याज भुगतान के लिए आवश्यक राशि एस्क्रो अकाउंट में जमा करने में विफल रही है। MTNL ने फंड की कमी को इस विफलता का कारण बताया है। यह घटना कंपनी के लगातार बने हुए कैश फ्लो की समस्याओं को उजागर करती है।
सॉवरेन गारंटी पर सवाल?
यह घटना इसलिए अहम है क्योंकि MTNL के इन बॉन्ड्स पर भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) है। ऐसे में, कंपनी के डिफॉल्ट करने पर सरकार को यह गारंटी लागू करनी पड़ सकती है। यह न केवल निवेशकों के भरोसे को हिला सकता है, बल्कि सरकार पर भी वित्तीय दबाव डाल सकता है।
MTNL का वित्तीय इतिहास
1986 में स्थापित MTNL, जो दिल्ली और मुंबई में अपनी सेवाएं देती है, BSNL की सब्सिडियरी है। कंपनी दशकों से वित्तीय संघर्षों से जूझ रही है। FY25 में, MTNL ने ₹698.02 करोड़ की नेट सेल्स दर्ज की, लेकिन ₹3,329.51 करोड़ का भारी नेट लॉस उठाया। 2025 के मध्य तक इसका कुल कर्ज ₹34,000 करोड़ से अधिक था। शुरुआती 2026 तक, कंपनी पर बैंकों का ₹9,100 करोड़ से ज्यादा का लोन बकाया था। TRAI और स्टॉक एक्सचेंजों से भी कंपनी पर पेनाल्टी लग चुकी है। सूत्रों के अनुसार, एनपीए (NPA) स्टेटस के कारण इसके बैंक अकाउंट भी फ्रीज कर दिए गए हैं।
तत्काल परिणाम और मुख्य जोखिम
- सबसे बड़ा तत्काल परिणाम यह है कि डिबेंचर ट्रस्टी सॉवरेन गारंटी को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है ताकि बॉन्डधारकों को उनका ब्याज मिल सके।
- इस घटना से क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों और निवेशकों की निगरानी और बढ़ेगी।
- यह MTNL की गहरी वित्तीय तंगी और कर्ज चुकाने के लिए सरकारी मदद पर उसकी निर्भरता को और पुख्ता करता है।
- मुख्य जोखिम यह है कि भारत सरकार को सीधे MTNL के भुगतान की जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है।
- इसके अलावा, MTNL की क्रेडिट रेटिंग में और गिरावट की आशंका है, जिससे भविष्य में फंड जुटाना और मुश्किल हो जाएगा।
प्रमुख आंकड़े
- बॉन्ड सीरीज V का कूपन रेट 7.05% है और यह 10 अक्टूबर, 2030 को मैच्योर होगा।
- 31 जुलाई, 2025 तक, MTNL पर कुल ₹34,577 करोड़ का कर्ज था, जिसमें ₹24,071 करोड़ सॉवरेन गारंटी वाले बॉन्ड्स का हिस्सा था।
