₹9,339 करोड़ का भारी-भरकम डिफॉल्ट
Mahanagar Telephone Nigam Ltd (MTNL) ने अपने बैंक लोन की देनदारियों पर ₹9,339.68 करोड़ का डिफॉल्ट दर्ज किया है। कंपनी अब तक ₹7,794.34 करोड़ का मूलधन (principal) और ₹1,545.34 करोड़ का ब्याज (interest) चुकाने में नाकाम रही है।
कुल कर्ज़ और NPA की स्थिति
MTNL पर कुल ₹36,545 करोड़ का भारी कर्ज़ है। बैंकों ने MTNL के कुछ लोन को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित कर दिया है। सबसे पहला NPA 12 अगस्त, 2024 को UBI के लोन पर और सबसे आखिरी 03 फरवरी, 2025 को IOB के लोन पर दर्ज किया गया है। यह खुलासा 30 अप्रैल, 2026 को हुआ है।
वित्तीय संकट और रिवाइवल प्लान पर असर
यह डिफॉल्ट MTNL की नकदी (cash flow) की गंभीर समस्या को दर्शाता है, जो कंपनी के संचालन (operations) जारी रखने की क्षमता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है। सरकार BSNL के साथ मिलकर MTNL को रिवाइव करने की कोशिश कर रही है, जिसमें एसेट बिक्री और मर्जर जैसी योजनाएं शामिल हैं। लेकिन लंबे समय से घाटे, ऑपरेशनल दिक्कतों और प्राइवेट कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण MTNL लगातार संघर्ष कर रही है।
तत्काल और भविष्य की चुनौतियाँ
इस डिफॉल्ट के तुरंत बाद, लेनदार (lenders) वसूली की कार्रवाई शुरू कर सकते हैं या लोन रीस्ट्रक्चरिंग की मांग कर सकते हैं। इससे MTNL की कामकाज की स्वतंत्रता सीमित हो सकती है और BSNL के साथ प्रस्तावित मर्जर की योजनाएं भी खतरे में पड़ सकती हैं। भविष्य में, कंपनी बॉन्ड पेमेंट्स या अन्य वैधानिक बकाए (statutory dues) पर भी डिफॉल्ट कर सकती है, अगर नकदी प्रवाह में सुधार नहीं हुआ।
प्रतिस्पर्धी बाज़ार में हाल
MTNL का मुकाबला Airtel और Jio जैसी मजबूत वित्तीय स्थिति वाली प्राइवेट कंपनियों से है, जिनके पास बेहतर तकनीक और ग्राहक आधार है। MTNL का राज्य-स्वामित्व वाला साथी BSNL भी इसी तरह की पुनरुद्धार (revival) चुनौतियों का सामना कर रहा है।
आगे क्या?
निवेशक MTNL के लेनदारों के अगले कदम और सरकार के समर्थन का इंतजार करेंगे। BSNL के साथ मर्जर या किसी और बड़े पुनर्गठन (restructuring) पर भी नजरें रहेंगी।