कंपनी का दमदार प्रदर्शन
31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए Indus Towers ने अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹32,493.10 करोड़ रहा, जबकि कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹7,144.90 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹7,134.80 करोड़ रहा।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का ऐलान
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों को पुरस्कृत करते हुए ₹14 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इस डिविडेंड का कुल भुगतान ₹3,693.40 करोड़ होगा। यह डिविडेंड शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी के बोर्ड में भी कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। Randeep Singh Sekhon को 1 मई, 2026 से एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। वहीं, Gopal Vittal और Jagdish Saksena Deepak ने 30 अप्रैल, 2026 से नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के पद से इस्तीफा दे दिया है।
अहम रिस्क और इंडस्ट्री कॉन्टेक्स्ट
Indus Towers भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम टावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर है। हालांकि, कंपनी की फाइलिंग में एक बड़ा रिस्क यह बताया गया है कि कंपनी का काफी बड़ा रेवेन्यू एक ही ग्राहक पर निर्भर है, जो एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) से जुड़े मुद्दों से जूझ रहा है। Indus Towers इस ग्राहक (जिसकी पहचान Vodafone Idea से जुड़ी है) की फाइनेंशियल कंडीशन पर बारीकी से नज़र रखे हुए है। टेलीकॉम सेक्टर में Bharti Airtel और Vodafone Idea जैसे बड़े ऑपरेटर्स के साथ-साथ Bharti Hexacom जैसे अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स भी अहम भूमिका निभाते हैं।
आगे क्या?
निवेशक बोर्ड द्वारा सुझाए गए फाइनल डिविडेंड को शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार करेंगे। नए डायरेक्टर Randeep Singh Sekhon के योगदान और शासन पर भी नज़रें रहेंगी। इसके अलावा, मुख्य ग्राहकों, खासकर Vodafone Idea, के AGR ड्यूज और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी से जुड़े अपडेट्स पर कंपनी का भविष्य काफी हद तक निर्भर करेगा।
