सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने Reliance Communications Limited (RCOM) के ऑफिस में 21 अप्रैल 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने RCOM द्वारा Life Insurance Corporation of India (LIC) को 2009 से 2016 के बीच जारी किए गए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) और कमर्शियल पेपर्स से जुड़े मूल दस्तावेज़ जब्त किए हैं।
यह रेड CBI केस नंबर RC0742026E0004 के तहत की गई है, जिसे 1 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था। RCOM, जो 28 जून 2019 से कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत है, ने पुष्टि की है कि कंपनी के सामान्य कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि, LIC जैसे बड़े पब्लिक सेक्टर इंश्योरर के साथ RCOM के पुराने वित्तीय सौदों की यह जांच, कंपनी की मौजूदा इंसॉल्वेंसी कार्यवाही में जटिलता बढ़ाती है।
Reliance Communications पिछले कई सालों से भारी कर्ज के तले दबी हुई है, जिसके कारण 2019 में कंपनी इंसॉल्वेंसी में चली गई थी। हालिया CBI कार्रवाई RCOM और इसके प्रमोटर Anil Ambani से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की एक बड़ी जांच का हिस्सा है। इससे पहले भी CBI ने RCOM पर 2009 से 2012 के बीच NCDs के जरिए LIC को करीब ₹3,750 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। फॉरेंसिक ऑडिट में फंड के गलत इस्तेमाल और ज़रूरत से ज़्यादा सिक्योरिटी देने की बात सामने आई थी। CBI और Enforcement Directorate (ED) अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ कई जांचें कर रही हैं, जिनमें कुल धोखाधड़ी की रकम ₹73,000 करोड़ तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
इन अहम वित्तीय दस्तावेज़ों की जब्ती से चल रही CIRP प्रक्रिया और जटिल हो सकती है, जो संपत्ति के मूल्यांकन (asset valuation) या लेनदारों के दावों (creditor claims) को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, RCOM पहले से ही गंभीर वित्तीय संकट और कानूनी पचड़ों से जूझ रही है, और यह नई जांच नियामक निगरानी की एक और परत जोड़ती है। CBI जांच के नतीजे National Company Law Tribunal (NCLT) द्वारा RCOM की रेजोल्यूशन योजना पर लिए जाने वाले फैसलों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Reliance Communications Limited पर कुल ₹404,100 मिलियन का वित्तीय कर्ज था।
निवेशकों और लेनदारों की नज़रें अब CBI जांच के नतीजों, NCLT की CIRP प्रगति पर अपडेट्स और RCOM की ओर से इस जांच के असर पर आने वाले खुलासों पर टिकी रहेंगी।
