IPO के बाद कंपनी का दमदार प्रदर्शन
Bharti Hexacom Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष (FY26) और चौथी तिमाही (Q4 FY26) के अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने बताया कि FY26 के लिए रेवेन्यू 9% बढ़कर ₹9,353.8 करोड़ हो गया है। वहीं, चौथी तिमाही में रेवेन्यू 5% बढ़कर ₹2,413.7 करोड़ दर्ज किया गया।
मुनाफे और ईबीआईटीडीए में भारी वृद्धि
नेट प्रॉफिट (Net Profit) के मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पूरे वित्तीय वर्ष FY26 में, नेट प्रॉफिट 16% बढ़कर ₹1,733.2 करोड़ रहा। ईबीआईटीडीए (EBITDA) में भी 16% का बड़ा उछाल देखा गया, जो ₹5,069.4 करोड़ तक पहुंच गया। ईबीआईटीडीए मार्जिन (EBITDA Margins) भी सुधरकर 54.2% हो गए, जो कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाता है। Q4 FY26 में ईबीआईटीडीए 8% बढ़कर ₹1,313.8 करोड़ रहा।
कर्ज़ में बड़ी कमी
इन नतीजों का सबसे बड़ा आकर्षण कंपनी के नेट डेट (Net Debt) में आई भारी कमी है। वित्तीय वर्ष के दौरान, नेट डेट ₹7,261.9 करोड़ से घटकर ₹5,473.1 करोड़ पर आ गया, जो लगभग 25% की बड़ी कटौती है। यह कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करता है और वित्तीय फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है।
आईपीओ के बाद पहला बड़ा फाइनेंशियल अपडेट
यह नतीजे Bharti Hexacom के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं, क्योंकि यह अप्रैल 2024 में अपने आईपीओ (IPO) के बाद कंपनी का पहला पूरा साल का फाइनेंशियल परफॉरमेंस डिस्क्लोजर है। यह प्रदर्शन कंपनी की ऑपरेशनल ताकत और अपने फोकस वाले क्षेत्रों में मजबूती को दर्शाता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
कम हुए डेट और बेहतर मार्जिन के साथ, कंपनी भविष्य में रणनीतिक निवेश (strategic investments) या डिविडेंड (dividend) की ओर बढ़ सकती है। कंपनी AI फ्रॉड प्रोटेक्शन जैसी नई सेवाओं पर भी ध्यान दे रही है, जिससे ग्राहक वैल्यू बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
