DoT का एक्शन!
भारत के Department of Telecommunications (DoT) ने दिग्गज टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel पर सब्सक्राइबर वेरिफिकेशन के नियमों का ठीक से पालन न करने का आरोप लगाते हुए ₹2.1 लाख का जुर्माना ठोंका है। कंपनी ने 30 अप्रैल 2026 को इसकी जानकारी दी। यह पेनल्टी फरवरी 2026 में हुए Customer Application Forms (CAF) के ऑडिट के बाद लगाई गई है।
पेनल्टी पर कंपनी का रुख
Bharti Airtel ने इस पेनल्टी को स्वीकार कर लिया है और कहा है कि इससे कंपनी पर कोई खास वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। ₹2.1 लाख की यह राशि Airtel जैसी बड़ी कंपनी के लिए वैसे तो बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन यह DoT की सब्सक्राइबर वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर लगातार निगरानी को दर्शाता है।
क्यों ज़रूरी है वेरिफिकेशन?
टेलीकॉम सेक्टर में धोखाधड़ी रोकने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह ऑडिट बहुत ज़रूरी हैं। DoT यह सुनिश्चित करता है कि नए कनेक्शन जारी करने से पहले पहचान और पते के प्रूफ की कड़ी जांच की जाए।
इंडस्ट्री में क्या है ट्रेंड?
Bharti Airtel, Reliance Jio और Vodafone Idea की तरह, इन सख्त रेगुलेशंस के तहत ही काम करती है। पिछले भी कुछ समय में कंपनी को ऐसे ही छोटे-मोटे जुर्माने भरने पड़े हैं, जिन्हें उसने हमेशा स्वीकार किया है।
आगे क्या?
हालांकि Vodafone Idea को AGR ड्यूज जैसे बड़े रेगुलेटरी और वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, पर सभी कंपनियों पर DoT की नजर बनी रहती है। उम्मीद है कि Airtel द्वारा जुर्माने का भुगतान इस मामले को यहीं खत्म कर देगा। आगे यह देखना होगा कि DoT की तरफ से कोई नई डायरेक्टिव आती है या ऑडिट प्रक्रिया और कड़ी होती है।
