FY26 के नतीजे: रेवेन्यू और प्रॉफिट में जोरदार ग्रोथ
Bharti Airtel ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹1,72,985.20 करोड़ की तुलना में 22% बढ़कर ₹2,10,972.80 करोड़ रहा। इसी अवधि में, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पिछले साल के ₹38,398.50 करोड़ से बढ़कर ₹45,172.70 करोड़ हो गया।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के आंकड़े भी चमके
फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों की बात करें तो, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹47,876.20 करोड़ (Q4 FY25) से बढ़कर ₹55,383.20 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, Q4 FY26 में PBT ₹9,583.90 करोड़ (Q4 FY25) के मुकाबले ₹10,044.70 करोड़ रहा। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंसोलिडेटेड PBT मार्जिन लगभग 21.4% रहा, जो पिछले साल के 22.2% से थोड़ा कम है।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹24 डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹24 प्रति फुली पेड-अप इक्विटी शेयर और ₹6 प्रति पार्टली पेड-अप इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दिया जाएगा।
रेवेन्यू ग्रोथ के पीछे की वजहें
यह जोरदार रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस का नतीजा है। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण 5G नेटवर्क का लगातार विस्तार और डेटा की बढ़ती मांग है। डिविडेंड का प्रस्ताव कंपनी की वित्तीय मजबूती और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रणनीतिक कदम और बाजार की चाल
Bharti Airtel भारत में 5G नेटवर्क की डिप्लॉयमेंट में अग्रणी रहा है, जिसके लिए कंपनी ने स्पेक्ट्रम और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश किया है। कंपनी ने टैरिफ में बढ़ोतरी और बेहतर सर्विस ऑफरिंग्स के जरिए अपने एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) को बढ़ाने पर फोकस किया है। यह सब एक कॉम्पिटिटिव बाजार में हो रहा है, जहां Reliance Jio जैसे प्रतिद्वंद्वी भी अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं।
जोखिम और आगे की राह
टेलीकॉम सेक्टर में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा कीमतों पर दबाव डाल सकती है। नेटवर्क विस्तार और स्पेक्ट्रम अधिग्रहण के लिए हाई कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) लागत का एक अहम हिस्सा बना रहेगा। रेगुलेटरी बदलाव या नई नीतियां भी भविष्य के ऑपरेशन्स और प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं।
