फंड का इस्तेमाल SEBI के नियमों के तहत, Axis Bank ने दी हरी झंडी
Bharti Airtel के निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। कंपनी ने पुष्टि की है कि उसने हाल ही में शेयर बेचकर जुटाए गए ₹15,695.98 करोड़ के फंड का इस्तेमाल SEBI के सभी नियमों के तहत किया है। इस मामले की निगरानी कर रही प्रमुख एजेंसी, Axis Bank Limited, ने अपनी जांच में पाया है कि फंड का आवंटन (allocation) पूरी तरह से कंपनी द्वारा बताए गए उद्देश्यों के अनुसार ही हुआ है और इसमें कोई भिन्नता (variance) नहीं है।
फंड का कैसा हुआ इस्तेमाल?
रिपोर्ट के अनुसार, इस फंड का एक बड़ा हिस्सा, यानि ₹8,274.09 करोड़, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT) की देनदारियों (liabilities) को चुकाने के लिए आवंटित किया गया था। इसके अलावा, ₹5,025.52 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (general corporate purposes) के लिए किया गया।
अप्रयुक्त राशि और निवेशक का भरोसा
31 मार्च, 2026 तक, इस पूंजी में से ₹1,536.37 करोड़ की राशि अभी भी अप्रयुक्त (unutilized) है। कंपनी द्वारा जुटाई गई इतनी बड़ी रकम का SEBI के नियमों के अनुसार इस्तेमाल होने की यह पुष्टि निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने वाली है। यह दर्शाता है कि कंपनी वित्तीय अनुशासन (financial discipline) का सख्ती से पालन कर रही है और नियामक अनुपालन (regulatory adherence) से जुड़े जोखिमों को कम कर रही है।
विकास की राह पर Airtel
यह फंड जुटाना भारती एयरटेल की विकास योजनाओं का अहम हिस्सा था, जिसमें महत्वपूर्ण स्पेक्ट्रम खरीद और नेटवर्क के विस्तार, विशेष रूप से 5G सेवाओं के रोलआउट के लिए धन उपलब्ध कराना शामिल था। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2026 में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग ₹141,875 करोड़ और कंसोलिडेटेड PAT (Profit After Tax) करीब ₹10,358 करोड़ रहा।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
जहां Reliance Jio के पास मजबूत वित्तीय बैकिंग है और Vodafone Idea अक्सर रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करती है, वहीं Airtel का यह अनुपालन (compliance) उसके मजबूत गवर्नेंस (governance) और परिचालन (operational) प्रथाओं को उजागर करता है।
