Le Travenues Technology Ltd, जो पॉपुलर ट्रैवल प्लेटफॉर्म ixigo चलाती है, उसने हाल ही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) लिमिटेड को एक महत्वपूर्ण कन्फर्मेशन सर्टिफिकेट सौंपा है। यह रिपोर्ट 31 मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए कंपनी के 'कंप्लायंस' (regulatory compliance) से जुड़ी है।
इस रिपोर्ट में यह वेरिफाई किया गया है कि ixigo के 'शेयर डेिमटेरियलाइजेशन' (share dematerialization) की प्रक्रिया, यानी फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट्स को इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स में बदलने का काम, उसके 'रजिस्ट्रार' (registrar), MUFG Intime India Private Limited द्वारा सही तरीके से मैनेज किया गया। SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के नियमों के मुताबिक, सभी लिस्टेड कंपनियों के लिए यह एक रेगुलर 'क्वार्टरली कन्फर्मेशन' (quarterly confirmation) जरूरी होता है।
इस तरह की फाइलिंग्स 'ट्रांसपेरेंसी' (transparency) बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए अहम हैं कि कंपनी के शेयरहोल्डिंग रिकॉर्ड्स को नियमों के अनुसार संभाला जाए। इससे स्टॉक एक्सचेंजों पर 'स्मूथ ट्रेडिंग' (smooth trading) को बढ़ावा मिलता है और 'इन्वेस्टर्स' (investors) का भरोसा भी बढ़ता है।
भारत के टॉप ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर (OTA) में से एक ixigo ने इसी साल मार्च 2024 में अपना IPO सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। यह लेटेस्ट फाइलिंग कंपनी के नियमित ऑपरेशनल कंप्लायंस का हिस्सा है।
कंपनी की ओर से आई जानकारी के अनुसार, इस रेगुलेटरी कन्फर्मेशन से कंपनी के लिए कोई नया 'रिस्क' (risk) या ऑपरेशनल बदलाव नहीं हुआ है। ixigo के डेिमटेरियलाइजेशन कंप्लायंस या उसके रजिस्ट्रार के संबंध में किसी भी तरह की 'एडवर्स रेगुलेटरी इश्यू' (adverse regulatory issues) की जानकारी नहीं मिली है।
गौरतलब है कि भारतीय ट्रैवल सेक्टर के अन्य बड़े खिलाड़ी, जैसे MakeMyTrip और EaseMyTrip, भी अपनी लिस्टेड सिक्योरिटीज को मैनेज करने के लिए इसी तरह की SEBI कंप्लायंस प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।
निवेशक अब ixigo के अगले 'फाइनेंशियल रिजल्ट्स' (financial results) और बिजनेस से जुड़े अन्य अपडेट्स पर नजर रखेंगे, साथ ही कंपनी के रेगुलेटरी मानकों के पालन पर भी ध्यान देंगे।
