ईयंत्रा वेंचर्स: बोर्ड को मिली नई ताकत
ईयंत्रा वेंचर्स लिमिटेड (eYantra Ventures Limited) के शेयरधारकों ने मिस्टर राहुल रासा की बतौर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Non-Executive Director) नियुक्ति को लेकर अपना पूरा समर्थन जताया है। यह अप्रूवल पोस्टल बैलेट प्रक्रिया के ज़रिए प्राप्त हुआ, जिसमें 100% सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट किया।
कैसे हुई वोटिंग?
यह ऐतिहासिक मंजूरी 20 फरवरी 2026 से 21 मार्च 2026 तक चले पोस्टल बैलेट और रिमोट ई-वोटिंग (Remote E-voting) प्रक्रिया के माध्यम से मिली। कुल 15 सदस्यों ने, जो 502 शेयरधारकों के रिकॉर्ड में थे, 1,803,063 वैध वोटों से इस नियुक्ति के पक्ष में मतदान किया।
मिस्टर रासा का अनुभव
मिस्टर रासा फिनटेक (Fintech) सेक्टर में गहरा अनुभव रखते हैं। उन्होंने रेगुलेशन (Regulation), कैपिटल एलोकेशन (Capital Allocation) और गवर्नेंस (Governance) जैसे क्षेत्रों में काम किया है। इसके अलावा, वे स्ट्रक्चर्ड फाइनेंस (Structured Finance) और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग (Investment Banking) में भी सक्रिय रहे हैं। वर्तमान में, वह NASA Hospitals में डायरेक्टर के तौर पर स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट और गवर्नेंस की देखरेख कर रहे हैं। ZikZuk Technologies के को-फाउंडर के तौर पर, उन्होंने RBI के नियमों के तहत फिनटेक प्लेटफॉर्म विकसित करने और नियामक मंजूरी (Regulatory Approvals) हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाई है।
कंपनी का नज़रिया
कंपनी का मानना है कि अनुभवी व्यक्तियों को बोर्ड में शामिल करने से कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और रणनीतिक फैसलों (Strategic Decisions) में सुधार होता है। मिस्टर रासा के आने से कंपनी के लीडरशिप को महत्वपूर्ण अनुभव और विशेषज्ञता मिलेगी।
पीयर कंपनियों में भी यही ट्रेंड
शेयरधारकों द्वारा डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर मुहर लगाना कोई नई बात नहीं है। हाल ही में, SKF India के शेयरधारकों ने भी तीन नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की नियुक्ति को 99% से अधिक वोटों से मंजूरी दी थी। इसी तरह, South Indian Bank में भी RBI की मंजूरी के बाद Jose Joseph Kattoor को नॉन-एग्जीक्यूटिव पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया था। यह दिखाता है कि कंपनियां अपने लीडरशिप को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं।
आगे क्या?
अब निवेशक मिस्टर रासा के बोर्ड चर्चाओं (Board Discussions) और कंपनी की रणनीतिक पहलों (Strategic Initiatives) में योगदान पर नजर रखेंगे। उनका फिनटेक और गवर्नेंस का अनुभव कंपनी की भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
