क्या हैं SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' नियम?
SEBI के नियम कहते हैं कि जो कंपनियाँ लिस्टेड (Listed) हैं, जिनका लॉन्ग-टर्म बोरिंग्स (Long-term borrowings) ₹1,000 करोड़ या उससे अधिक है, और जिनकी क्रेडिट रेटिंग (Credit Rating) 'AA' या उससे ऊपर है, वे 'लार्ज कॉर्पोरेट' मानी जाती हैं। ऐसी कंपनियों को डेट सिक्योरिटीज (Debt Securities) और फंडरेज़िंग से जुड़े कुछ अतिरिक्त डिस्क्लोजर करने होते हैं।
eMudhra क्यों है इन नियमों से बाहर?
eMudhra Limited ने बताया है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए कंपनी पर कोई भी आउटस्टैंडिंग बोरिंग्स (Outstanding borrowings) यानी कर्ज नहीं है। कंपनी की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग [ICRA]A (Stable) और शॉर्ट-टर्म रेटिंग [ICRA]A1 (Outstanding) है। इन मापदंडों पर खरी न उतरने के कारण, eMudhra को 'लार्ज कॉर्पोरेट' के दायरे से बाहर रखा गया है।
कंपनी को क्या होगा फायदा?
इस छूट का मतलब है कि eMudhra को 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए जरूरी कई अतिरिक्त वार्षिक डिस्क्लोजर फाइल नहीं करने पड़ेंगे। इससे कंपनी का रेगुलेटरी रिपोर्टिंग (Regulatory Reporting) का बोझ कम होगा और एडमिनिस्ट्रेटिव ओवरहेड (Administrative Overhead) भी घटेगा। eMudhra, जो एक लीडिंग सर्टिफाइंग अथॉरिटी (Certifying Authority) है, हमेशा से डेट-फ्री (Debt-free) स्टेटस बनाए रखती है।
