Eternal Limited: 28 अप्रैल को होंगे Q4 FY26 और पूरे वित्तीय वर्ष के नतीजे घोषित
Eternal Limited (पहले Zomato Limited) का बोर्ड 28 अप्रैल, 2026, मंगलवार को बैठक करेगा। इस बैठक में 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। नतीजों के ऐलान के तुरंत बाद, उसी दिन शाम 5:00 बजे IST पर एक निवेशक कॉन्फ्रेंस कॉल का आयोजन होगा, जिसमें कंपनी के प्रदर्शन पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
निवेशकों का फोकस:
निवेशक इस नतीजे से Eternal Limited की ग्रोथ और खासकर क्विक कॉमर्स सेगमेंट, Blinkit, की प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर अहम जानकारियां हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं। ये वित्तीय आंकड़े कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट में उसकी पोजीशन को समझने के लिए काफी अहम होंगे।
कंपनी की कहानी और पिछला प्रदर्शन:
Eternal Limited, जो Zomato ब्रांड के नाम से दुनिया भर में मशहूर थी, 2008 में अपनी स्थापना के बाद से काफी विकसित हुई है। कंपनी ने जुलाई 2021 में अपना IPO लॉन्च किया था। 2022 में Blinkit के अधिग्रहण के साथ क्विक कॉमर्स में विस्तार करना इसकी एक बड़ी स्ट्रेटेजिक चाल थी। पिछली तिमाही, Q3 FY26 (31 दिसंबर, 2025 को समाप्त), में Zomato ने ₹102 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो पिछले साल की तुलना में 73% अधिक था। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी 202% बढ़कर ₹16,315 करोड़ हो गया था। खास बात यह है कि Blinkit ने भी उस दौरान एडजस्टेड EBITDA प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर ली थी।
नतीजों और कॉल से क्या उम्मीद करें?
आने वाली वित्तीय रिपोर्टें शेयरधारकों को Q4 FY26 और पूरे FY26 के सटीक आंकड़े दिखाएंगी, जिससे कंपनी की वित्तीय सेहत का साफ अंदाजा मिलेगा। कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान मैनेजमेंट से भविष्य की योजनाओं (guidance) और स्ट्रेटेजिक प्राथमिकताओं पर अहम खुलासे की उम्मीद है, जिसका निवेशकों की भावनाओं पर गहरा असर पड़ सकता है। नतीजों से फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स जैसे मुख्य सेगमेंट के प्रदर्शन और कुल प्रॉफिटेबिलिटी में उनके योगदान पर भी रोशनी पड़ने की उम्मीद है।
रेगुलेटरी और ऑपरेशनल जोखिम:
कंपनी को पहले भी रेगुलेटरी जांच का सामना करना पड़ा है। इनमें पिछले टैक्स डिमांड और पेनल्टी शामिल हैं, जैसे ₹184 करोड़ से अधिक का सर्विस टैक्स ऑर्डर और ₹40 करोड़ से अधिक की GST डिमांड, जिनके खिलाफ Eternal Limited अपील करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने Zomato और इसकी प्रतिद्वंद्वी Swiggy के खिलाफ एंटी-कंपीटिटिव प्रैक्टिसेज, खासकर एक्सक्लूसिविटी और प्राइस पैरिटी क्लॉज़ को लेकर जांच शुरू की है। हालांकि, कंपनी ने ऐसे दावों का खंडन किया है।
प्रतिस्पर्धा का मैदान:
भारतीय फूड डिलीवरी मार्केट में Zomato की मुख्य प्रतिद्वंद्वी Swiggy है, दोनों कंपनियों की मार्केट में अच्छी खासी हिस्सेदारी है। तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स सेक्टर में, Eternal Limited का Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे प्लेयर्स के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े और अनुमान:
Q3 FY26 के लिए, Zomato ने ₹16,315 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹102 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था। Q4 FY26 के लिए मौजूदा एनालिस्ट अनुमानों के अनुसार, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹4,800–5,200 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि PAT अनुमान ₹150–220 करोड़ के दायरे में हैं।
आगे क्या देखना है: प्रमुख निवेशक वॉचपॉइंट्स:
निवेशक असल Q4 FY26 रेवेन्यू और प्रॉफिट के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेंगे और उनकी तुलना वर्तमान एनालिस्ट अनुमानों से करेंगे। Zomato के क्विक कॉमर्स डिवीजन, Blinkit, के लगातार प्रदर्शन और प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस बना रहेगा। इसके अलावा, आने वाले फाइनेंशियल ईयर, FY27, के लिए मैनेजमेंट की गाइडेंस कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा और अनुमानित ग्रोथ को समझने के लिए बेहद अहम होगी। फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स दोनों सेगमेंट में मार्केट शेयर के रुझानों में कोई भी बदलाव उत्सुकता से देखा जाएगा। ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी पर चर्चा भी महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।
