AI और एफिशिएंसी से Zaggle का ग्रोथ बूस्ट!
Zaggle Prepaid Ocean Services लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए महत्वाकांक्षी रेवेन्यू टारगेट सेट किए हैं। कंपनी अपने स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 25% से 30% की ग्रोथ का अनुमान लगा रही है, वहीं कंसोलिडेटेड (Consolidated) आधार पर यह ग्रोथ करीब 40% तक पहुंचने की उम्मीद है।
इस ग्रोथ को पाने के लिए कंपनी वर्किंग कैपिटल (Working Capital) को ऑप्टिमाइज़ करने, नए कस्टमर्स (Customers) लाने, अपनी सेवाओं को क्रॉस-सेल (Cross-sell) करने और AI-संचालित एफिशिएंसी (AI-driven efficiencies) से मार्जिन (Margins) बढ़ाने पर फोकस करेगी।
कंपनी की कहानी और पिछला प्रदर्शन
2011 में स्थापित, Zaggle स्पेंड मैनेजमेंट सॉल्यूशंस में एक फिनटेक स्पेशलिस्ट है। कंपनी B2B2C मॉडल पर काम करती है और इसके SaaS प्लेटफॉर्म्स जैसे 'Propel' (कर्मचारी रिवॉर्ड्स के लिए) और 'Zoyer' (बिजनेस स्पेंड मैनेजमेंट के लिए) मशहूर हैं। Zaggle ने सितंबर 2023 में अपना IPO सफलतापूर्वक पूरा किया था। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू 68% बढ़ा था और नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) लगभग दोगुना हो गया था।
आगे की रणनीति और विस्तार
कंपनी GIFT City और UAE में नई एंटिटीज के साथ ग्लोबल एक्सपेंशन की योजना बना रही है। Greenedge Limited और Rio Money जैसी कंपनियों के अधिग्रहण (Acquisitions) से इसे और मजबूती मिली है। Zaggle ऑटोमेशन और एनालिटिक्स के लिए AI को इंटीग्रेट कर रही है और UPI सेवाओं को बढ़ाने के लिए NPCI से अप्रूवल भी हासिल कर लिया है।
संभावित चुनौतियां
हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। IGST Act के तहत रेगुलेटरी एक्शन और इनकम टैक्स एक्ट के तहत टैक्स डिमांड जैसे मामले हैं, हालांकि कंपनी दोनों के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है और इससे बड़े फाइनेंशियल इम्पैक्ट की उम्मीद नहीं है। कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल (Contract renewal) का रिस्क भी बना रहता है।
मार्केट का अवसर और कॉम्पिटिशन
डोमेस्टिक स्पेंड मैनेजमेंट के लिए मार्केट का अवसर FY27 तक ₹139 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Zaggle का मुकाबला Tata Technologies Ltd., Intellect Design Arena Ltd., और Aurionpro Solutions Ltd. जैसी कंपनियों से है।
हालिया फाइनेंशियल डीटेल्स
FY25 में Zaggle का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹13,026.5 मिलियन था, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹874.8 मिलियन था। FY26 की तीसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹4,976.3 मिलियन और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹359.7 मिलियन रहा।
