Zaggle Prepaid और Generali Insurance के बीच 2 साल की पार्टनरशिप
Zaggle Prepaid Ocean Services Ltd ने 11 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि उसने Generali Central Insurance Company Limited के साथ 2 साल का एक डोमेस्टिक एग्रीमेंट (domestic agreement) फाइनल कर लिया है। इस कॉन्ट्रैक्ट (contract) के तहत, Zaggle अपनी Zoyer Platform के ज़रिए इंश्योरेंस सेक्टर में अपनी सेवाएं देगा।
यह डील Zaggle के लिए एक महत्वपूर्ण स्ट्रेटेजिक मूव (strategic move) है। इसके ज़रिए Zoyer Platform की सेवाएं अब इंश्योरेंस सेक्टर तक पहुंचेंगी। Generali जैसे बड़े नाम के साथ पार्टनरशिप (partnership) Zaggle के एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस (enterprise solutions) को और मज़बूत करती है और बाज़ार में उसकी मौजूदगी (presence) को बढ़ाती है। दो साल की अवधि इस नए क्लाइंट से एक स्थिर और अनुमानित रेवेन्यू स्ट्रीम (revenue stream) सुनिश्चित करेगी।
Zaggle Prepaid Ocean Services Ltd एक फिनटेक (fintech) कंपनी है जो SaaS-आधारित स्पेंड मैनेजमेंट सॉल्यूशंस (SaaS-based spend management solutions) में माहिर है। यह एम्प्लॉई बेनिफिट्स (employee benefits), रिवॉर्ड्स (rewards) और एक्सपेंस मैनेजमेंट (expense management) के लिए अपने Propel, Save और Zoyer प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करती है। Zoyer Platform को एक इंटीग्रेटेड, डेटा-ड्रिवन बिज़नेस स्पेंड मैनेजमेंट सिस्टम (integrated, data-driven business spend management system) के तौर पर डिज़ाइन किया गया है। Zaggle ने Euronet, Mastercard और Visa जैसी कंपनियों के साथ भी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप्स (strategic partnerships) की हैं।
वहीं, Generali Central Insurance Company Limited, भारत के जनरल इंश्योरेंस (general insurance) बाज़ार में एक अहम खिलाड़ी है। यह ग्लोबल Generali Group और Central Bank of India के जॉइंट वेंचर (joint venture) के तौर पर काम करती है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस (financial performance) की बात करें तो, Zaggle ने FY25 के लिए ₹13,305 मिलियन का रेवेन्यू (revenue) और ₹874.8 मिलियन का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax - PAT) दर्ज किया था।
यह पार्टनरशिप Zaggle के लिए इंश्योरेंस सेक्टर से एक अहम एंटरप्राइज क्लाइंट (enterprise client) लाती है। यह Zoyer Platform के इस्तेमाल का दायरा भी बढ़ाती है और इंश्योरेंस इंडस्ट्री (insurance industry) के यूज़ केसेस (use cases) को कवर करती है। साथ ही, यह 2 साल का एक रिकरिंग रेवेन्यू स्ट्रीम (recurring revenue stream) स्थापित करती है। यह डील Zaggle की उस रणनीति को मज़बूत करती है जिसके तहत वह विभिन्न इंडस्ट्रीज में अपने SaaS प्लेटफॉर्म का फुटप्रिंट (footprint) बढ़ाना चाहती है।
हालांकि, इस 2 साल के कॉन्ट्रैक्ट (contract) की खास फाइनेंशियल वैल्यू (financial value) का खुलासा नहीं किया गया है। पारदर्शिता (transparency) की यह कमी डील के तुरंत फाइनेंशियल इम्पैक्ट (financial impact) को लेकर अनिश्चितता पैदा कर सकती है।
कॉर्पोरेट स्पेंड मैनेजमेंट (corporate spend management) स्पेस में Happay और Expensify जैसी कंपनियां Zaggle की मुख्य कॉम्पिटीटर (competitor) हैं। Happay एशिया में एक लीडिंग कॉर्पोरेट स्पेंड मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म है, जबकि Expensify एक ग्लोबल प्रोवाइडर है।
भविष्य में, निवेशकों को Zaggle की उन घोषणाओं पर नज़र रखनी चाहिए जिनमें Generali कॉन्ट्रैक्ट से मिलने वाले रेवेन्यू या प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) के योगदान का ज़िक्र हो। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि इंश्योरेंस या फाइनेंशियल सर्विसेज (financial services) की अन्य कंपनियां Zoyer Platform को कितना अपनाती हैं और Zaggle की ओवरऑल फाइनेंशियल परफॉरमेंस (overall financial performance) और ग्रोथ इनिशिएटिव्स (growth initiatives) पर क्या अपडेट्स आते हैं।
