टैक्स नोटिस और कंपनी का रुख
Zaggle Prepaid Ocean Services Limited को 25 मार्च, 2026 को आए एक असेसमेंट ऑर्डर के बाद असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए ₹6.60 करोड़ (₹6,60,51,200) का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया गया है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह मांग असेसमेंट प्रक्रिया के दौरान किए गए 'एड-हॉक एडिशन' के आधार पर की गई है। Zaggle मैनेजमेंट का मानना है कि इस नोटिस का कंपनी के फाइनेंसियल या ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे इसके खिलाफ अपील दायर करने वाले हैं।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
भले ही कंपनी इसे मामूली बता रही हो, लेकिन टैक्स डिमांड नोटिस निवेशकों के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकते हैं। अपील प्रक्रिया का नतीजा कंपनी की लाभप्रदता (profitability) पर असर डाल सकता है।
कंपनी का बिजनेस और परफॉरमेंस
Zaggle Prepaid Ocean Services Limited भारत की एक प्रमुख फिनटेक-SaaS हाइब्रिड कंपनी है, जो कॉरपोरेट खर्चों के प्रबंधन में माहिर है। यह प्रीपेड कार्ड, SaaS डैशबोर्ड और इंटीग्रेटेड एक्सपेंस सिस्टम जैसी सेवाएं देती है।
कंपनी ने पिछले नौ तिमाहियों में लगातार मजबूत नतीजे पेश किए हैं, जिनमें रेवेन्यू और प्रॉफिट में अच्छी ग्रोथ देखी गई है। हाल ही में, कंपनी ने Visa के साथ मिलकर सात साल के एक बड़े एग्रीमेंट के तहत को-ब्रांडेड प्रीपेड कार्ड लॉन्च किए हैं।
इसके बावजूद, Zaggle के शेयर हाल के दिनों में 52-हफ्ते के निचले स्तर तक गिर गए हैं, जो बाजार की भावना (market sentiment) और कंपनी के फंडामेंटल के बीच अंतर को दर्शाता है।
पिछली टैक्स संबंधी चुनौतियां
यह पहली बार नहीं है जब Zaggle को इस तरह की टैक्स संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कंपनी पहले भी टैक्स विवादों में रही है। इनमें असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए ₹4.09 करोड़ का नोटिस और फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के लिए ₹2.59 करोड़ का IGST पेनाल्टी शामिल है, जिन पर भी वर्तमान में अपील चल रही है।
आगे क्या?
अब निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी कब अपील फाइल करती है और मैनेजमेंट की ओर से प्रक्रिया की प्रगति को लेकर क्या अपडेट आते हैं। साथ ही, कंपनी के लगातार मजबूत फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर भी नजर बनी रहेगी।
