क्या है यह ESOPs का बड़ा फैसला?
शेयरधारकों ने रिमोट ई-वोटिंग के ज़रिए इस प्रस्ताव पर 89.51% वोट्स को पक्ष में दिया है। यह फैसला Zaggle को अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय लेवल पर फैली हुई कंपनियों में कर्मचारियों को शेयर (Share) के ज़रिए मालिकाना हक का मौका देने की अनुमति देता है।
टैलेंट रिटेंशन पर फोकस
फिनटेक (Fintech) सेक्टर में तेज़ी से बढ़ रही Zaggle के लिए यह एक अहम कदम है। इस तरह के ESOPs स्कीम्स कंपनी को कॉम्पिटिटिव मार्केट में अच्छे टैलेंट को आकर्षित करने और उन्हें लंबे समय तक रोके रखने में मदद करते हैं। यह विशेष रूप से उन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है जो ग्रोथ स्टेज पर हैं।
टैक्स के मसले और भविष्य की राह
हालांकि, कंपनी के पिछले रिकॉर्ड्स की बात करें तो Zaggle Prepaid Ocean Services Ltd को पहले टैक्स से जुड़े कुछ डिमांड्स का सामना करना पड़ा है, जिसमें ₹2.59 करोड़ का IGST पेनल्टी और ₹6.6 करोड़ का इनकम टैक्स डिमांड शामिल है (दोनों फिलहाल अपील में हैं)। लेकिन, ESOPs के इस नए फैसले से सीधे तौर पर जुड़ा कोई जोखिम फिलहाल सामने नहीं आया है।
कॉम्पिटिटर्स की राह पर Zaggle
Paytm और PB Fintech जैसी बड़ी फिनटेक कंपनियाँ भी अपने विभिन्न बिज़नेस सेगमेंट्स और सब्सिडियरीज़ में टैलेंट को अट्रैक्ट करने और रिटेन करने के लिए ESOPs का इस्तेमाल करती रही हैं। Zaggle का यह कदम इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि भविष्य में कितने ESOPs बांटे जाएंगे, कौन से कर्मचारी इसके पात्र होंगे, और इनके वैल्यूएशन व वेस्टिंग शेड्यूल क्या होंगे।
