Wipro के तिमाही नतीजों पर एक नज़र
IT सर्विस सेक्टर की बड़ी कंपनी Wipro ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) और पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे जारी किए हैं।
चौथी तिमाही में Wipro का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 7.7% बढ़कर ₹24,240 करोड़ रहा। वहीं, नेट इनकम (Net Income) में 1.9% की मामूली गिरावट आई और यह ₹3,500 करोड़ दर्ज हुई।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो, Wipro का रेवेन्यू 4.0% की ग्रोथ के साथ ₹92,620 करोड़ रहा। हालांकि, नेट इनकम में सिर्फ 0.5% की मामूली बढ़त देखी गई और यह ₹13,200 करोड़ पर पहुंची।
शेयरधारकों को बड़ा तोहफा: ₹15,000 Cr का बायबैक और डिविडेंड
इन नतीजों के साथ ही Wipro के बोर्ड ने शेयरधारकों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ के बड़े शेयर बायबैक (Share Buyback) प्रोग्राम को हरी झंडी दे दी है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके अलावा, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹11 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) का भी ऐलान किया है।
AI पर Wipro का बढ़ता फोकस
कंपनी का यह वित्तीय अपडेट ऐसे समय में आया है जब Wipro अपनी AI (Artificial Intelligence) ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर दे रही है। कंपनी ने अपने नए AI-Native Business & Platforms यूनिट के ज़रिए AI क्षमताओं को मज़बूत किया है। Wipro पिछले तीन सालों में AI इकोसिस्टम 'Wipro ai360' के तहत $1 बिलियन निवेश करने की योजना बना रही है। हाल ही में, कंपनी ने $375 मिलियन में Harman के Digital Transformation Solutions (DTS) बिजनेस को खरीदकर अपनी इंजीनियरिंग क्षमताओं को बढ़ाया था।
भविष्य की राह और चुनौतियाँ
यह मिले-जुले वित्तीय प्रदर्शन IT सर्विस की मांग के कारण रेवेन्यू ग्रोथ को दर्शाता है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर कुछ दबाव भी दिख रहा है। ₹15,000 करोड़ का बायबैक निवेशकों का भरोसा बढ़ाने का संकेत है। Wipro की AI पर बढ़ती पकड़ भविष्य की ग्रोथ के लिए अहम साबित हो सकती है। हालांकि, IT सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, बढ़ती लागतें और ग्लोबल फैक्टर कुछ चुनौतियां पेश कर सकते हैं। Wipro की राह Tata Consultancy Services (TCS), Infosys और HCLTech जैसी कंपनियों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली होगी, जो AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में भारी निवेश कर रही हैं।
