शेयर बायबैक का बड़ा प्लान
Wipro Limited ने खुलासा किया है कि वह 60 करोड़ इक्विटी शेयर वापस खरीदने का प्रस्ताव लेकर आई है, जो कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 5.72% है। इस बायबैक के लिए ₹250 प्रति शेयर का भाव तय किया गया है, जिससे इस योजना का कुल आकार लगभग ₹15,000 करोड़ तक पहुंच जाता है। यह बायबैक फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के दौरान पूरा होने की उम्मीद है।
क्यों कर रही है कंपनी बायबैक?
इस बायबैक का मुख्य उद्देश्य कंपनी के पास जमा अतिरिक्त फंड को शेयरहोल्डर्स को वापस लौटाना है। इससे न केवल शेयरहोल्डर्स को तुरंत फायदा होगा, बल्कि कंपनी के प्रति शेयर आय (EPS) और इक्विटी पर रिटर्न (ROE) जैसे प्रमुख फाइनेंशियल मेट्रिक्स में भी सुधार देखने को मिलेगा। यह कदम Wipro की मजबूत कैश पोजीशन को भी दर्शाता है।
बोर्ड में होंगे नए चेहरे?
कंपनी ने अपने बोर्ड को और मजबूत करने की भी योजना बनाई है। सुश्री तुलसी नायडू (Ms. Tulsi Naidu) को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर पांच साल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव है, जबकि सुश्री लौरा मैरी मिलर (Ms. Laura Marie Miller) को भी इसी अवधि के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया है। इन नियुक्तियों से बोर्ड की निगरानी और रणनीतिक मार्गदर्शन क्षमताएं बढ़ने की उम्मीद है।
शेयरहोल्डर्स की मंजूरी जरूरी
इस बड़े बायबैक और डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी आवश्यक होगी। इसके लिए 22 अप्रैल 2026 से 21 मई 2026 तक ई-वोटिंग की प्रक्रिया चलेगी, जिसके नतीजे 25 मई 2026 तक आने की उम्मीद है।
कंपनी की पिछली चालें और वित्तीय स्थिति
Wipro का शेयर बायबैक का इतिहास रहा है। कंपनी ने 2023 में ₹12,000 करोड़ और 2020 में ₹9,500 करोड़ के बायबैक पूरे किए हैं। दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास लगभग ₹41,510 करोड़ का कैश रिजर्व होने का अनुमान है, जो इस तरह के बड़े पूंजी आवंटन की योजना को संभव बनाता है।
क्या हैं चुनौतियां?
हालांकि, Wipro के फाइनेंशियल नतीजों में मिले-जुले संकेत मिले हैं और प्रॉफिट पर दबाव देखा गया है। कुछ एनालिस्ट्स ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए कमजोर आउटलुक की भी भविष्यवाणी की है। इसके अलावा, यदि प्रमोटर ग्रुप बायबैक में बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं, तो यह रिटेल निवेशकों के लिए अपने शेयर बेचने के अवसरों को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या होगा?
शेयरहोल्डर्स के वोटिंग नतीजे, बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट की घोषणा और प्रक्रिया का पूरा होना, ये कुछ मुख्य बिंदु होंगे जिन पर निवेशकों की नजर रहेगी।
