कर्मचारियों को जोड़ने की Wipro की नई रणनीति
Wipro Limited अपनी कर्मचारियों को कंपनी के साथ बेहतर तरीके से जोड़े रखने (retention) और उनके हितों को कंपनी के लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस से सीधे जोड़ने की खास रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में, कंपनी अपने 2024 Employee Stock Option Scheme (ESOP) के तहत कुल 3.9 करोड़ से ज़्यादा स्टॉक यूनिट्स जारी करने जा रही है।
कंपनी के ऐलान के मुताबिक, इनमें 2,65,00,177 ADS Restricted Stock Units और 1,27,00,858 Restricted Stock Units (RSUs) शामिल हैं। इन ग्रांट्स को 4 मई, 2026 से प्रभावी किया जाएगा। हालांकि, इन स्टॉक यूनिट्स के वेस्टिंग (vesting) और एक्सरसाइज (exercise) से जुड़े सभी अहम विवरणों पर अभी कंपनी की नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी (Nomination and Remuneration Committee) की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।
Wipro के लिए कर्मचारियों को इक्विटी (equity) के ज़रिए रिवॉर्ड देना कोई नई बात नहीं है। कंपनी का यह चलन काफी पुराना है और वह भारत की उन IT फर्म्स में से एक रही है जिसने 2004 में ही इस तरह की 'इनोवेटिव' स्कीम शुरू कर दी थी। फिलहाल, Wipro के पास विभिन्न स्टॉक बेनिफिट प्लान्स एक्टिव हैं, जो कर्मचारियों को मोटीवेट करने और रिटेन करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
निवेशकों के नज़रिए से देखें तो, इन नए ग्रांट्स के चलते भविष्य में कंपनी के शेयरों की संख्या में मामूली बढ़त (dilution) हो सकती है, हालांकि Wipro के बड़े मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (market capitalization) को देखते हुए यह असर आमतौर पर काफी कम रहता है। कर्मचारियों को मिलने वाला असली फाइनेंशियल बेनिफिट (financial benefit) Wipro के शेयर के भविष्य के परफॉरमेंस पर ही निर्भर करेगा।
यह कदम IT सेक्टर में टैलेंट को बनाए रखने की एक आम होड़ का हिस्सा है, जिसमें Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, और HCLTech जैसी बड़ी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को लुभाने के लिए इस तरह की स्टॉक-आधारित इंसेंटिव स्कीम्स का इस्तेमाल करती हैं।
