Wipro ने कर्मचारी योजनाओं के तहत बांटे नए शेयर
Wipro Limited ने 20 मार्च 2026 को अपने कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOPs) के तहत 288,023 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। यह एक नियमित प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को कंपनी के विकास में हिस्सेदार बनाना है। इस आवंटन के बाद कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या बढ़कर 10.4 अरब से अधिक हो गई है।
क्या होता है ESOPs और डाइल्यूशन?
ESOPs, या एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान, कर्मचारियों को रियायती दरों पर कंपनी के शेयर खरीदने का अधिकार देते हैं। जब कर्मचारी इन ऑप्शंस का इस्तेमाल करते हैं, तो कंपनी नए शेयर जारी करती है। इससे मौजूदा शेयरधारकों के स्वामित्व (ownership) में मामूली कमी आती है, जिसे 'डाइल्यूशन' (dilution) कहा जाता है। Wipro ने 14,716 शेयर ADS Restricted Stock Unit Plan 2004 के तहत और 273,307 शेयर Restricted Stock Unit Plan 2007 के तहत जारी किए हैं।
शेयरधारकों पर असर कितना?
हालांकि नए शेयर जारी होने से प्रति शेयर आय (EPS - Earnings Per Share) और वोटिंग अधिकारों में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन Wipro के मामले में यह असर बेहद मामूली है। हालिया आवंटन कंपनी के कुल 10.47 अरब से अधिक आउटस्टैंडिंग शेयरों का केवल 0.00275% है। इसलिए, निवेशकों के लिए इसका तत्काल प्रभाव नगण्य माना जा रहा है।
IT सेक्टर में यह आम बात
Wipro जैसी बड़ी IT कंपनियां कर्मचारियों को आकर्षित करने, बनाए रखने और प्रेरित करने के लिए ESOPs का इस्तेमाल नियमित रूप से करती हैं। यह IT सेक्टर में एक आम चलन है, जहाँ Tata Consultancy Services (TCS), Infosys और HCL Technologies जैसी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए इसी तरह के स्टॉक प्रोत्साहन (stock incentive) योजनाएं चलाती हैं।
