Wipro में क्यों हुए शेयर अलॉट?
Wipro Limited ने 7 अप्रैल 2026 को यह घोषणा की कि कर्मचारियों द्वारा अपने स्टॉक ऑप्शन (ESOPs) एक्सरसाइज करने के बाद उन्हें 102,526 नए इक्विटी शेयर आवंटित किए गए हैं। इस आवंटन के बाद, कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या बढ़कर करीब 10.48 अरब तक पहुँच गई है।
ये शेयर कंपनी की दो स्थापित एम्प्लॉई स्टॉक योजनाओं – ADS Restricted Stock Unit Plan 2004 और Restricted Stock Unit Plan 2007 – के तहत दिए गए हैं। Wipro अपनी प्रतिभा को बनाए रखने और कर्मचारियों के हितों को कंपनी के प्रदर्शन से जोड़ने के लिए इस तरह के इक्विटी इंसेंटिव का उपयोग करता रहा है, और यह कदम इसी रणनीति का हिस्सा है।
भारतीय आईटी सर्विसेज सेक्टर में, ESOPs को अक्सर टैलेंट को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण टूल माना जाता है। Wipro और Tech Mahindra जैसी कंपनियां इस मामले में सक्रिय रही हैं, वहीं Infosys और HCL Technologies जैसी कंपनियां इक्विटी इंसेंटिव के प्रति अधिक संयमित दृष्टिकोण रखती हैं।
