मुनाफे में आई तूफानी तेजी
Waaree Energies ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 101.45% बढ़कर ₹3,884.15 करोड़ रहा। इसी अवधि में, कंपनी की कुल आय (Total Income) भी 83.52% उछलकर ₹27,244.92 करोड़ दर्ज की गई। मार्च तिमाही की बात करें तो स्टैंडअलोन टोटल इनकम 100.38% बढ़कर ₹6,978.25 करोड़ रही।
₹10,000 करोड़ जुटाने की तैयारी
इस मजबूत प्रदर्शन के बीच, Waaree Energies अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बाजार पहुंच का विस्तार करने के लिए बड़े कदम उठा रही है। कंपनी ने इस विस्तार को सपोर्ट करने के लिए ₹10,000 करोड़ तक का फंड जुटाने की योजना बनाई है। इसके अलावा, कंपनी ने प्रति इक्विटी शेयर ₹2 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है।
रेगुलेटरी जांच और बढ़ता कर्ज
हालांकि, कंपनी के लिए अच्छी खबर के साथ कुछ गंभीर चुनौतियां भी हैं। Waaree Energies कई रेगुलेटरी जांचों का सामना कर रही है। इसमें अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (U.S. Customs and Border Protection) द्वारा सोलर मॉड्यूल कंपोनेंट्स को लेकर की जा रही जांच शामिल है, जिसके लिए कंपनी ने ₹294.78 करोड़ का प्रोविजन बुक किया है। इसके अलावा, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) की एक जांच भी चल रही है। कंपनी पर कर्ज भी बढ़ा है, जो FY25 में ₹915.28 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹1,676.39 करोड़ हो गया है। साथ ही, कंपनी Enel Green Power के साथ एक शेयर परचेज एग्रीमेंट (Share Purchase Agreement) को लेकर आर्बिट्रेशन (Arbitration) में भी फंसी हुई है।
