नतीजों के साथ कैपिटल कट का एलान
Virgo Global Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) का एलान किया है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) इस दौरान ₹0.92 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि कंपनी का टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम (Total Comprehensive Income) शून्य रहा।
घाटे को खत्म करने की रणनीति
कंपनी के मैनेजमेंट ने बैलेंस शीट को साफ-सुथरा करने के लिए एक खास 'स्कीम ऑफ रिडक्शन ऑफ कैपिटल' (Scheme of Reduction of Capital) को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत, कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल (Paid-up Equity Share Capital) को ₹4.20 करोड़ से घटाकर ₹0.59 करोड़ कर दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि ₹3.61 करोड़ की कैपिटल को कम किया जाएगा, जिसका मुख्य मकसद कंपनी के संचित घाटे (Accumulated Losses) को पूरी तरह खत्म करना है।
शेयरधारकों की मंजूरी बाकी
इस बड़े कॉर्पोरेट पुनर्गठन (Corporate Restructuring) को अमलीजामा पहनाने के लिए शेयरधारकों (Shareholders) की मंजूरी जरूरी है। इसके लिए 15 मई, 2026 को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई गई है, जहां शेयरधारक इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाएंगे।
क्यों उठाया गया यह कदम?
कंपनी का कहना है कि इस कैपिटल रिडक्शन से उसकी बैलेंस शीट मजबूत होगी। इससे कर्ज देने वालों (Lenders) के साथ कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहतर होगी और भविष्य में पूंजी जुटाने (Capital Raising) व बिजनेस बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। कंपनी का पिछले 5 सालों का सेल्स CAGR -13.2% रहा है और पिछले 3 सालों में प्रॉफिट में -67.68% की गिरावट आई है। मार्च 2025 तक कंपनी पर ₹3.39 करोड़ का जमा घाटा (Accumulated Deficit) था।
आगे क्या होगा?
इस कैपिटल रिडक्शन योजना को लागू करने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी के अलावा नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूरी और अन्य जरूरी सरकारी नियामक संस्थाओं (Statutory and Regulatory Authorities) से क्लीयरेंस मिलना बाकी है। यह प्रक्रिया कंपनीज़ एक्ट, 2013 (Companies Act, 2013) के तहत आती है। अब निवेशकों की नजरें 15 मई, 2026 को होने वाली EGM पर टिकी रहेंगी, साथ ही NCLT में आवेदन की प्रगति पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
