VCU Data Management Limited ने ऐलान किया है कि वह 1 अप्रैल, 2026 से 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' यानी कंपनी के अंदरूनी लोगों के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद कर देगी। यह रोक SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के नियमों के तहत लगाई गई है। कंपनी अपने चौथी तिमाही (Q4 FY26) और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजों की घोषणा से पहले यह कदम उठा रही है, जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त होगा। यह विंडो नतीजों के आधिकारिक ऐलान के 48 घंटे बाद ही दोबारा खुलेगी। कंपनी ने कहा है कि नतीजों को मंजूरी देने वाली बोर्ड मीटिंग की तारीख अलग से बताई जाएगी।
इस ट्रेडिंग विंडो को बंद करने का मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगाम लगाना है। यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी के वे अधिकारी, जिनके पास गैर-सार्वजनिक वित्तीय जानकारी है, नतीजों के सार्वजनिक होने से पहले शेयर खरीद या बेच न सकें। इससे सभी निवेशकों के लिए एक निष्पक्ष बाजार सुनिश्चित होता है।
VCU Data Management, जिसकी स्थापना मार्च 2013 में हुई थी, टेक्नोलॉजी हार्डवेयर सेक्टर में सक्रिय है। कंपनी इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी और सर्विलांस प्रोडक्ट्स, जैसे वीडियो कम्युनिकेशन और ई-आईपीओ प्लेटफॉर्म बनाती है। हालांकि, कंपनी को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 5 सालों में इसकी कमाई में औसतन 22.7% की सालाना गिरावट आई है, जबकि रेवेन्यू में करीब 108.3% की भारी वार्षिक गिरावट देखी गई है। VCU Data Management फिलहाल मुनाफे में नहीं है, और पिछले 5 सालों में इसके घाटे में लगातार बढ़ोतरी हुई है। मार्च 2026 तक, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹89.3 मिलियन यानी ₹8.93 करोड़ था।
इस रोक के चलते, VCU Data Management के डायरेक्टर्स और मुख्य कर्मचारियों को 1 अप्रैल, 2026 से कंपनी के शेयर ट्रेड करने की इजाजत नहीं होगी। यह प्रतिबंध नतीजों के प्रकाशन के 48 घंटे बाद ही हटेगा। भारत में टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई सेक्टरों की लिस्टेड कंपनियों के लिए वित्तीय नतीजे घोषित करने से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद करना एक आम प्रथा है।
निवेशकों को कंपनी के बोर्ड मीटिंग की तारीख, Q4 FY26 और पूरे फाइनेंशियल ईयर के नतीजों के ऐलान, और ट्रेडिंग विंडो के दोबारा खुलने के समय का इंतज़ार करना चाहिए।
