वित्तीय वर्ष 2026 के नतीजे आ गए हैं और Unicommerce Esolutions लिमिटेड ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 48.67% बढ़कर ₹208.42 करोड़ हो गया है। स्टैंडअलोन इक्विटी भी काफी बढ़कर ₹223.97 करोड़ हो गई है। इस जोरदार ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह Shipway Technology Private Limited का अधिग्रहण है, जो अब Unicommerce की पूरी तरह से अपनी सहायक कंपनी बन चुकी है। इस कदम से कंपनी की ई-कॉमर्स सर्विसेज और मार्केट में पकड़ और मजबूत हुई है।
हालांकि, जब प्रॉफिट की बात आती है, तो एक खास बात देखने को मिलती है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹28.73 करोड़ रहा। लेकिन, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹20.46 करोड़ दर्ज किया गया, जो स्टैंडअलोन प्रॉफिट से कम है। यह अंतर Shipway के इंटीग्रेशन (एकीकरण) से जुड़ी लागतों की ओर इशारा करता है। Unicommerce फिलहाल एक ट्रांजिशन फेज (संक्रमण काल) से गुजर रही है।
Unicommerce ने पिछले साल, मार्च 2025 में Shipway Technology में अपनी बाकी हिस्सेदारी भी खरीद ली थी। शेयर स्वैप (शेयरों की अदला-बदली) के जरिए यह डील तेजी से पूरी की गई, ताकि ई-कॉमर्स सॉल्यूशंस को और बेहतर बनाया जा सके और मार्केट का विस्तार हो सके।
इस अधिग्रहण के बाद, Shipway की कूरियर एग्रीगेशन और शिपिंग ऑटोमेशन जैसी सेवाएं अब Unicommerce प्लेटफॉर्म का हिस्सा हैं। इससे ग्राहकों को एक ज्यादा कंप्लीट ई-कॉमर्स सॉल्यूशन मिलेगा। दोनों कंपनियों के ग्राहक आधार के जुड़ने से Unicommerce की पहुंच बढ़ी है और नए क्रॉस-सेलिंग के मौके भी खुल गए हैं।
लेकिन, निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए। Unicommerce ने अपने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (स्वतंत्र निदेशकों) को ₹1.50 मिलियन का अतिरिक्त रेमुनरेशन (वेतन) दिया है, जिसके लिए कंपनी लीगल छूट (Waiver) मांग रही है। इस पर आगे क्या फैसला आता है, यह देखना अहम होगा।
एक और बात यह है कि FY2026 के कंसोलिडेटेड आंकड़े, FY2025 से सीधे तौर पर तुलना करने में मुश्किल पैदा कर सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि Shipway दिसंबर 2024 से ही पूरी तरह से इंटीग्रेटेड हुई है। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट का स्टैंडअलोन से कम रहना, ग्रुप लेवल पर इंटीग्रेशन से जुड़ी बढ़ी हुई लागतों को दर्शाता है।
Unicommerce ई-कॉमर्स सॉफ्टवेयर और सर्विसेज के कॉम्पिटिटिव मार्केट में है, जहाँ Vinculum Solutions और Browntape जैसी कंपनियां भी मौजूद हैं।
आगे चलकर, निवेशकों को यह देखना होगा कि निदेशक भुगतान की छूट मिलती है या नहीं, Shipway के इंटीग्रेशन से कॉस्ट सिनर्जी (लागत बचत) कितनी तेजी से आती है, और कंसोलिडेटेड प्रॉफिट मार्जिन में सुधार होता है या नहीं।
