SEBI के नए नियम का असर
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने 'लार्ज कॉर्पोरेट' कैटेगरी के लिए बरोइंग (Borrowing) की सीमा ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹1000 करोड़ कर दी है। इसी के चलते, Umiya Buildcon Limited (जो पहले MRO-TEK Realty Limited के नाम से जानी जाती थी) फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए इस कैटेगरी में नहीं आएगी। 31 मार्च 2026 तक कंपनी का कुल बरोइंग ₹114.49 करोड़ दर्ज किया गया है।
क्यों मिली है राहत?
SEBI की 'लार्ज कॉर्पोरेट' लिस्ट में शामिल होने पर कंपनियों को डेट इश्यू (debt issuance) और स्ट्रिक्ट डिस्क्लोजर (disclosure) जैसे कई नियमों का पालन करना पड़ता है। Umiya Buildcon इस सीमा से नीचे रहने के कारण इन अतिरिक्त कंप्लायंस (compliance) और बाउंडेशंस (boundations) से बच गई है। यह कंपनी को फाइनेंसिंग और कैपिटल रेजिंग (capital raising) में ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) देगा।
कंपनी का पिछला रिकॉर्ड और भविष्य
Umiya Buildcon की शुरुआत 1984 में नेटवर्किंग इक्विपमेंट (networking equipment) बनाने वाली कंपनी के तौर पर हुई थी, लेकिन बाद में इसने रियल एस्टेट डेवलपमेंट (real estate development) में कदम रखा। कंपनी ने फरवरी 2025 में अपना नाम बदला। SEBI ने अप्रैल 2024 में 'लार्ज कॉर्पोरेट' की परिभाषा में बड़ा बदलाव किया था, जिससे Umiya Buildcon जैसी कई कंपनियाँ इस कैटेगरी से बाहर हो गईं। यह कंपनी अब भविष्य में SEBI के किसी भी नए अपडेट पर नज़र रखेगी ताकि कंप्लायंस सुनिश्चित किया जा सके।
