कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर इस फाइनेंशियल ईयर (FY26) में बड़े कस्टमर प्रोजेक्ट्स में हो रही देरी का गहरा असर पड़ा। ये देरी वायरलाइन (Wireline) और वायरलेस (Wireless) दोनों प्रोडक्ट सेगमेंट्स में देखी गई, जिसके चलते ₹909 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज हुआ। FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में अकेले ₹211 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि पूरे साल का रेवेन्यू (Revenue) ₹1,103 करोड़ रहा।
ऑर्डर बुक में जबरदस्त उछाल
लेकिन, एक अच्छी बात यह है कि Tejas Networks के ऑर्डर बुक में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। Q4 FY26 के अंत तक यह बढ़कर ₹1,514 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹1,019 करोड़ से काफी ज्यादा है। यह भविष्य में तगड़े रेवेन्यू का संकेत देता है।
स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट्स और ग्लोबल पार्टनरशिप
FY26, कंपनी के लिए टेक्नोलॉजी (Technology) में स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट्स (Strategic Investments) और नए प्रोडक्ट डेवलपमेंट (New Product Development) का साल रहा, जिसका मकसद भविष्य में ग्रोथ के लिए कंपनी को तैयार करना है। इसमें AI ट्रेंड्स का फायदा उठाना और डेटा सेंटर कनेक्टिविटी (Data Center Connectivity) के लिए पार्टनरशिप मजबूत करना भी शामिल है।
Tata Group का हिस्सा होने के नाते, Tejas Networks अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही है। अगस्त 2023 में, कंपनी ने BSNL से TCS के जरिए ₹7,492 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट (Contract) हासिल किया था। यह 4G/5G नेटवर्क इक्विपमेंट (Equipment) के लिए था, जिसमें से कंपनी पहले ही 1,00,000 से ज्यादा साइट्स की सप्लाई पूरी कर चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में विस्तार कंपनी की एक बड़ी प्राथमिकता है। 2026 की शुरुआत में, Tejas Networks ने NEC Corporation के साथ 5G मैसिव MIMO रेडियो (5G Massive MIMO Radios) के निर्माण और सप्लाई के लिए साझेदारी की। इसके अलावा, Rakuten Symphony के साथ मिलकर दुनिया भर में Open RAN सॉल्यूशंस (Open RAN Solutions) को को-डेवलप (Co-develop) और मार्केट करने के लिए एक सहयोग (Collaboration) शुरू किया गया है।
शेयरहोल्डर्स के लिए आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स (Shareholders) के लिए अच्छी खबर यह है कि कंपनी FY26 के नुकसान से उबरने पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है और FY27 में प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) का लक्ष्य लेकर चल रही है। नए टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट्स और प्रोडक्ट लॉन्च, खासकर 5G और AI-ड्रिवन नेटवर्क्स (AI-driven Networks) में, बड़े रेवेन्यू ड्राइवर्स (Revenue Drivers) बनने की उम्मीद है। कंपनी चालू फाइनेंशियल ईयर में BSNL से बड़ी रकम की वसूली (Collections) की उम्मीद कर रही है, जिससे उसका Days Sales Outstanding (DSO) बेहतर होगा।
जोखिम और कॉम्पिटिशन
हालांकि, कुछ बड़े रिस्क (Risks) पर नजर रखनी होगी। बड़े कस्टमर प्रोजेक्ट्स में लगातार हो रही देरी एक बड़ा एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) है। इन्वेंटरी लेवल्स (Inventory Levels) और स्ट्रेच्ड रिसीवेबल्स (Stretched Receivables) भी प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) की राह में बाधा डाल सकते हैं। Tejas Networks एक कॉम्पिटिटिव मार्केट (Competitive Market) में काम करती है, जहां Nokia और Ericsson जैसे ग्लोबल प्लेयर्स प्रमुख हैं। डोमेस्टिक लेवल पर HFCL और Sterlite Technologies (STL) से भी मुकाबला है। 'मेक इन इंडिया' (Make in India) इनिशिएटिव का फायदा मिलने के बावजूद, कंपनी मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) स्केल करने पर मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) का सामना कर रही है।
मुख्य आंकड़े
- पूरे साल FY26 का PAT लॉस (PAT Loss): ₹909 करोड़
- Q4 FY26 का रेवेन्यू (Revenue): ₹333 करोड़
- ऑर्डर बुक (Q4 FY26 के अंत तक): ₹1,514 करोड़
आगे की राह
BSNL से 18,000 साइट्स के लिए अतिरिक्त परचेज ऑर्डर (Purchase Orders) और सप्लाई की स्पीड पर नजर रखनी होगी। FY27 में NEC 5G मैसिव MIMO डील से रेवेन्यू जनरेशन और साउथ एशिया (South Asia) व अमेरिका (Americas) जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रगति पर भी निगाहें रहेंगी। नए प्रोडक्ट लॉन्च का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। DSO में सुधार और BSNL से कलेक्शन का वर्किंग कैपिटल (Working Capital) पर असर भी ट्रैक किया जाएगा।
