कर्मचारियों को मिला कंपनी में हिस्सेदारी का मौका
टेक महिंद्रा की तरफ से जारी किए गए ये शेयर कंपनी के ESOP 2014 और ESOP 2018 स्कीम्स के तहत कर्मचारियों को मिले हैं। हर शेयर ₹5 की कीमत पर जारी किया गया, जिससे कंपनी को कुल ₹5,64,535 मिले। इस कदम से कंपनी के कुल जारी शेयरों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी हुई है।
कर्मचारी रिटेंशन की मजबूत रणनीति
आईटी सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, टैलेंट को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए ESOPs एक अहम जरिया हैं। टेक महिंद्रा अपनी इस रणनीति का इस्तेमाल कर रहा है ताकि कर्मचारियों में कंपनी के प्रति अपनेपन (ownership) की भावना बढ़े और वे कंपनी के लक्ष्यों के साथ मिलकर काम करें। ESOPs, कर्मचारियों को कंपनी की सफलता में सीधा हिस्सा देते हैं।
शेयरहोल्डर्स पर क्या होगा असर?
जब कंपनी नए शेयर जारी करती है, तो मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी (ownership percentage) में थोड़ी कमी आती है, जिसे 'डाइल्यूशन' (dilution) कहते हैं। यह सार्वजनिक रूप से लिस्टेड कंपनियों में ESOPs के इस्तेमाल का एक सामान्य और अपेक्षित परिणाम है। एनालिस्ट्स आमतौर पर इस मामूली डाइल्यूशन को वैल्यूएशन में शामिल कर लेते हैं।
इंडस्ट्री में आम बात
बड़े भारतीय आईटी फर्म्स के लिए ESOPs एक आम प्रैक्टिस है। Infosys, Wipro और TCS जैसी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को रिवॉर्ड देने और टैलेंट को बनाए रखने के लिए इसी तरह की ESOP स्ट्रक्चर्स का इस्तेमाल करती हैं।
अहम आंकड़े और भविष्य का संकेत
1 मई, 2026 को हुए इस अलॉटमेंट के बाद, टेक महिंद्रा के कुल जारी शेयर 97,99,54,159 हो गए हैं। कंपनी का कुल जारी शेयर कैपिटल अब ₹4,89,97,70,795 है। निवेशकों की नज़र आगे के ESOP एक्टिविटीज पर रहेगी।
