AI टैलेंट तैयार करने की नई कोशिश
इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रूरी स्किल्स से लैस करना है। तीन महीने के इस कोर्स में स्टूडेंट्स को हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट्स, मेंटरशिप और स्किल्स सर्टिफिकेशन का मौका मिलेगा। इसे पूरा करने के बाद, पार्टिसिपेंट्स को पेड वर्क एक्सपीरियंस मिलेगा और TCS में फुल-टाइम जॉब पाने का सीधा रास्ता भी खुल जाएगा।
US में AI टैलेंट पाइपलाइन को मजबूती
यह पहल अमेरिका में लोकल AI टैलेंट पाइपलाइन बनाने की TCS की प्रतिबद्धता को काफी आगे बढ़ाती है। इसका मकसद एकेडमिक पढ़ाई और AI रोल्स के लिए ज़रूरी इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स के बीच की खाई को पाटना है, ताकि TCS एक लीडिंग AI-ड्रिवेन टेक्नोलॉजी सर्विसेज़ कंपनी बनने की अपनी मंशा को पूरा कर सके।
TCS का टैलेंट डेवलपमेंट पर फोकस
TCS का यूनिवर्सिटी पार्टनरशिप्स और ट्रेनिंग में निवेश का एक लंबा इतिहास रहा है। कंपनी NVIDIA और OpenAI जैसी कंपनियों के साथ कोलैबोरेशन सहित AI पहलों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही है।
इंडस्ट्री में भी AI स्किल्स की बढ़ती मांग
यह बताते चलें कि TCS की तरह Infosys, Wipro और Accenture जैसी दूसरी बड़ी IT कंपनियां भी अमेरिका में अर्ली करियर प्रोग्राम्स, बूटकैंप्स और अप्रेंटिसशिप के ज़रिए AI टैलेंट डेवलपमेंट में भारी निवेश कर रही हैं। यह दिखाता है कि पूरी इंडस्ट्री AI-रेडी वर्कफोर्स बनाने पर ज़ोर दे रही है।
कंपनी का रेवेन्यू ($30 बिलियन के पार)
इस बीच, TCS ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए $30 बिलियन से ज़्यादा का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी का ग्लोबल वर्कफोर्स 5,84,000 कर्मचारियों से ज़्यादा है।