Swiggy के FY26 के आंकड़े: रेवेन्यू बढ़ा, पर घाटा भी बढ़ा
Swiggy Ltd. ने हाल ही में अपने FY26 के फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में जबरदस्त उछाल देखा गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹15,227 करोड़ से बढ़कर ₹23,053 करोड़ हो गया है। लेकिन, इस शानदार रेवेन्यू के बावजूद, कंपनी का प्री-टैक्स लॉस बढ़कर ₹4,140 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹3,102 करोड़ था। अच्छी बात यह है कि Swiggy ने ₹15,053 करोड़ की मजबूत लिक्विडिटी (Cash and Cash Equivalents) के साथ फाइनेंशियल ईयर का अंत किया है।
प्रॉफिटेबिलिटी की ओर Swiggy का बढ़ता कदम
कंपनी अपनी क्विक कॉमर्स सर्विस 'इंस्टामार्ट' (Instamart) के लिए अपनी स्ट्रैटेजी बदल रही है। अब सिर्फ वैल्यू-लेड अप्रोच के बजाय, कंपनी लॉन्ग-टर्म सक्सेस और बेहतर मार्जिन पर फोकस कर रही है। इसके अलावा, Swiggy का 'डाइनआउट' (Dineout) बिजनेस FY26 में अपने पहले पूरे साल के प्रॉफिट में रहा है। यह कंपनी के नॉन-डिलीवरी सेगमेंट में सस्टेनेबल यूनिट इकोनॉमिक्स को दर्शाता है।
भविष्य की रणनीति और लक्ष्य
Swiggy के कोर फूड डिलीवरी बिजनेस से मीडियम-टर्म में 18-20% सालाना ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी अपने एडजस्टेड EBITDA मार्जिन के लक्ष्य भी तय कर रही है: 'डाइनआउट' के लिए 5% और क्विक कॉमर्स के लिए 4-5%। क्विक कॉमर्स में Q1 FY27 तक कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन ब्रेक-ईवन हासिल करने का लक्ष्य है, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ज़ोर देता है। इंस्टामार्ट की स्ट्रैटेजी को ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच संतुलन बनाने के लिए फिर से तैयार किया जा रहा है।
Q4 FY26 के मार्जिन,
FY26 की चौथी तिमाही में, Swiggy के फूड डिलीवरी सेगमेंट ने 3.3% का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन दर्ज किया। वहीं, क्विक कॉमर्स सेगमेंट का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन -10.9% रहा, जो कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और ऑपरेशंस को बेहतर बनाने के प्रयासों को दिखाता है।
Zomato से तुलना
Swiggy का FY26 रेवेन्यू ₹23,053 करोड़ है, जो इसके मुख्य प्रतिस्पर्धी Zomato के FY24 के ₹12,042 करोड़ के रेवेन्यू से काफी आगे है। हालांकि, Zomato FY24 में ₹238 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज कर प्रॉफिटेबल हो चुका है, जबकि Swiggy अभी भी लॉस में है। यह दिखाता है कि Swiggy का रेवेन्यू स्केल बड़ा है, लेकिन Zomato की तुलना में प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की राह थोड़ी लंबी है।
