Subex Share Price: ट्रांसफॉर्मेशन के बाद ग्रोथ की तैयारी! कंपनी का ऑर्डर इनटेक **24%** बढ़ा, FY27 में **₹100 Cr** रेवेन्यू का लक्ष्य

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Subex Share Price: ट्रांसफॉर्मेशन के बाद ग्रोथ की तैयारी! कंपनी का ऑर्डर इनटेक **24%** बढ़ा, FY27 में **₹100 Cr** रेवेन्यू का लक्ष्य
Overview

Subex लिमिटेड ने अपने बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन (Business Transformation) का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी लगातार तीसरी तिमाही में पॉजिटिव नेट प्रॉफिट (PAT) और पिछले **10** में से **9** तिमाहियों में लगातार पॉजिटिव EBITDA दर्ज करने में कामयाब रही है। FY26 में कंपनी का ऑर्डर इनटेक (Order Intake) **24%** बढ़ा है, जो भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) के मजबूत संकेत दे रहा है। कंपनी ने FY27 के लिए **₹100 करोड़** की तिमाही रेवेन्यू का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।

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ट्रांसफॉर्मेशन पूरा, ग्रोथ की ओर Subex

Subex लिमिटेड ने अपने Q4 FY26 के नतीजे घोषित किए हैं, जो इसके पहले चरण के बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन (Business Transformation) की सफलता को दर्शाते हैं। कंपनी के लिए यह लगातार तीसरी तिमाही रही जब उसने पॉजिटिव नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया। साथ ही, पिछले 10 में से 9 तिमाहियों में लगातार पॉजिटिव EBITDA ने ऑपरेशनल डिसिप्लिन (Operational Discipline) को मजबूत किया है।

ऑर्डर इनटेक में 24% का जोरदार उछाल

FY26 के दौरान कंपनी के ऑर्डर इनटेक (Order Intake) में 24% की प्रभावशाली बढ़ोतरी देखी गई। मैनेजमेंट का मानना है कि यह भविष्य में रेवेन्यू के लिए एक महत्वपूर्ण लीडिंग इंडिकेटर (Leading Indicator) है।

FY27 के लिए ₹100 करोड़ रेवेन्यू का 'वॉर क्राई'

कंपनी के मैनेजमेंट ने FY27 के लिए एक आक्रामक लक्ष्य तय किया है, जो कि प्रति तिमाही ₹100 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है। इसे कंपनी का 'वॉर क्राई' (War Cry) कहा जा रहा है।

बड़ी डील से रेवेन्यू में इज़ाफ़ा

Subex ने ₹150 करोड़ के ऑर्डर्स को रेवेन्यू में बदलने की प्रक्रिया पर भी बात की। कंपनी के अनुसार, सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू (Subscription Revenue) मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट्स (Multi-year Contracts) की डिप्लॉयमेंट (Deployment) के बाद ही शुरू होता है। सामान्य तिमाही बिल साइज USD 1-1.5 मिलियन के बीच रहता है, जबकि USD 2-3 मिलियन से ऊपर के डील्स (Deals) खास मौकों पर ही होते हैं।

मिडिल ईस्ट के जोखिम और AI की राह

मिडिल ईस्ट (Middle East) क्षेत्र से 31% रेवेन्यू आने के चलते वहां के भू-राजनीतिक जोखिमों (Geopolitical Risks) को कम करने के लिए कंपनी डिलीवरी को इंडिया में ऑफशोर (Offshore) कर रही है। कंपनी AI को ग्रोथ का एक जरिया मान रही है।

मार्जिन मजबूत, पर खर्च भी

लाइसेंस (Licenses) पर ग्रॉस मार्जिन (Gross Margin) 90% से ऊपर और मैनेज्ड सर्विसेज (Managed Services) पर 50% से ऊपर बना हुआ है। हालांकि, R&D (Research and Development) और गो-टू-मार्केट (Go-to-market) खर्चों के कारण EBITDA पर कुछ असर पड़ता है।

निवेशक जुटाने की तैयारी

Subex अब HNI (High Net-worth Individuals) और म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) निवेशकों को आकर्षित करने पर ध्यान दे रही है। इसके लिए कंपनी इस साल रोडशो (Roadshows) आयोजित करने की योजना बना रही है।

गुडविल की स्थिति और AI प्रोडक्ट्स

ऑडिटर्स (Auditors) ने पुष्टि की है कि ₹190 करोड़ से अधिक की कैरिंग वैल्यू (Carrying Value) वाली गुडविल (Goodwill) पर किसी इम्पेयरमेंट (Impairment) की जरूरत नहीं है। कंपनी फ्रॉडजैप (FraudZap) जैसे नए AI प्रोडक्ट्स के लिए 3 टेलको कस्टमर्स (Telco Customers) हासिल कर चुकी है। लेकिन, LLM (Large Language Model) प्रोडक्ट के डेवलपमेंट में GPU की कमी के कारण देरी हो रही है, और इसे अब प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (POC) स्टेज पर ले जाया गया है।

लीगेसी देनदारियों और भविष्य की योजनाएं

पुरानी देनदारियों (Legacy Receivables) के मामले में, एक कॉन्ट्रैक्ट को सुलझा लिया गया है, जबकि दूसरा लीगल आर्बिट्रेशन (Legal Arbitration) में है, जिसके लिए ज़रूरी प्रोविज़न (Provisions) पहले ही कर दिए गए हैं। भविष्य की योजनाओं में, कंपनी डेटा सेंटर (Data Centers) को एक हाई-ग्रोथ एरिया (High-growth Area) के तौर पर देख रही है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.