स्टॉक स्प्लिट का ऐलान और रिकॉर्ड डेट
String Metaverse Limited ने अपने इक्विटी शेयरों के सब-डिवीजन (sub-division) का ऐलान किया है। इसके तहत, कंपनी के ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर को ₹1 फेस वैल्यू के दस शेयरों में बांटा जाएगा। इस 1:10 स्टॉक स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट 24 अप्रैल, 2026 तय की गई है। शेयरधारकों ने इस कदम को बड़े बहुमत से मंजूरी दे दी है, जिसके लिए वोटिंग 22 मार्च, 2026 को समाप्त हुई।
लिक्विडिटी और एक्सेसिबिलिटी बढ़ाने का लक्ष्य
इस शेयर स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य कंपनी के स्टॉक की लिक्विडिटी (liquidity) को बढ़ाना है। प्रति शेयर की कीमत कम करके, कंपनी उम्मीद करती है कि उसका स्टॉक ज़्यादा से ज़्यादा निवेशकों, खासकर रिटेल निवेशकों के लिए सुलभ और किफायती होगा। यह कदम कंपनी की बाजार में उपस्थिति को मजबूत करने और उसके डिजिटल परिवर्तन की रणनीति का हिस्सा है।
पेपर से डिजिटल की ओर कंपनी की यात्रा
यह वही कंपनी है जो पहले Bio Green Papers Limited के नाम से जानी जाती थी। 1994 में स्थापित हुई इस कंपनी ने पेपर मैन्युफैक्चरिंग से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी बिजनेस की ओर एक बड़ा कदम उठाया है। अब कंपनी Web 3.0, ऑनलाइन गेमिंग, ब्लॉकचेन और FinTech सॉल्यूशंस पर फोकस कर रही है। यह बदलाव मई 2024 में स्वीकृत रीस्ट्रक्चरिंग (CIRP) के बाद हुआ। कंपनी ने अप्रैल 2025 में अपना नाम बदला और हाल ही में मजबूत रेवेन्यू (revenue) और प्रॉफिट (profit) ग्रोथ दर्ज की है। Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹278.79 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹27.72 करोड़ रहा।
शेयरधारकों को क्या उम्मीद करनी चाहिए
स्प्लिट के बाद, शेयरधारकों के पास जितने शेयर अभी हैं, उसकी तुलना में दस गुना ज़्यादा शेयर होंगे। हर शेयर का फेस वैल्यू ₹10 से घटकर ₹1 हो जाएगा। यह बदलाव सिर्फ कागजी है; यह स्प्लिट के समय कंपनी के कुल मार्केट वैल्यू या निवेशक की हिस्सेदारी के आंतरिक मूल्य (intrinsic value) को नहीं बदलेगा।
मुख्य जोखिम और गवर्नेंस संबंधी चिंताएं
हालांकि, कंपनी को कुछ रेगुलेटरी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। मार्च 2026 में, SEBI ने दो व्यक्तियों पर इनसाइडर ट्रेडिंग कोड के उल्लंघन के लिए ₹11,207 का जुर्माना लगाया था। कंपनी के पुराने रीस्ट्रक्चरिंग इतिहास और हालिया रेगुलेटरी जांच को देखते हुए, मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, टेक्नोलॉजी और मेटावर्स जैसे सेक्टर स्वाभाविक रूप से अस्थिर (volatile) होते हैं, जो String Metaverse के प्रदर्शन के लिए बाजार जोखिम पैदा कर सकते हैं।
इंडस्ट्री पीयर्स और मेटावर्स ट्रेंड
इंडस्ट्री में अन्य कंपनियां भी लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए स्टॉक स्प्लिट का सहारा ले रही हैं। उदाहरण के लिए, Dev Information Technology ने 5:2 का स्प्लिट (₹5 से ₹2 फेस वैल्यू) घोषित किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त, 2025 है। बड़ी IT कंपनियां जैसे TCS, Infosys और Tech Mahindra भी मेटावर्स और Web3 स्पेस में अवसर तलाश रही हैं, जो एक बड़े इंडस्ट्री ट्रेंड का संकेत देता है।
आगे क्या देखना है
निवेशकों को स्प्लिट के बाद स्टॉक के ट्रेडिंग व्यवहार पर नज़र रखनी चाहिए, खासकर लिक्विडिटी और वॉल्यूम में होने वाले बदलावों पर। कंपनी के SEBI रेगुलेशंस के पालन और टेक व मेटावर्स सेक्टर्स में उसकी बिजनेस स्ट्रैटेजी के क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। भविष्य के वित्तीय नतीजों से पता चलेगा कि ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी मुनाफे और ग्रोथ को कैसे प्रभावित करती है।
