SEBI के नियम और String Metaverse का प्लान
भारतीय शेयर बाज़ार के रेगुलेटर SEBI के अनुसार, लिस्टेड कंपनियों के लिए पब्लिक शेयरहोल्डिंग कम से कम 25% होना अनिवार्य है। String Metaverse Limited की पब्लिक हिस्सेदारी फिलहाल लगभग 21.48% है, जो इस निर्धारित सीमा से कम है। इस कमी को पूरा करने के लिए कंपनी ने एक अहम कदम उठाया है।
सफल OFS के बाद उठाया ये बड़ा कदम
हाल ही में हुए सफल ऑफर फॉर सेल (OFS) के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। इस OFS में निवेशकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। नॉन-रिटेल निवेशकों ने 149% तक सब्सक्रिप्शन दिया, जबकि रिटेल निवेशकों ने 495% तक की दिलचस्पी दिखाई। इस मजबूत मांग ने कंपनी को अगले कदम के लिए प्रोत्साहित किया है।
बोनस शेयर से क्या होगा फायदा?
बोर्ड मीटिंग में प्रस्तावित बोनस इक्विटी शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद, मौजूदा शेयरधारकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के अतिरिक्त शेयर मिल सकते हैं। इससे न केवल कंपनी SEBI के नियमों का पालन कर पाएगी, बल्कि शेयरधारकों को पुरस्कृत करने का एक तरीका भी होगा। पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ने से स्टॉक की लिक्विडिटी (तरलता) भी बढ़ सकती है।
दांव पर क्या है?
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बोनस शेयर जारी करने का यह प्रस्ताव कंपनी के बोर्ड और संबंधित रेगुलेटरी अथॉरिटीज से मंज़ूरी के अधीन है। ऐसा भी संभव है कि प्रस्ताव को आवश्यक मंज़ूरी न मिले। इसके अलावा, प्रमोटर्स के पास बोनस शेयर के लिए अपने हक़ को छोड़ने का विकल्प भी होगा, जिसका असर अंतिम पब्लिक शेयरहोल्डिंग प्रतिशत पर पड़ सकता है।
इंडस्ट्री का परिदृश्य
भारतीय लिस्टेड मार्केट में सीधे तौर पर मेटावर्स स्पेस में काम करने वाली कंपनियों की संख्या कम है। हालांकि, Autosense Technologies Ltd जैसी कंपनियां संबंधित टेक सेक्टर में हैं, और Tech Mahindra Ltd जैसी बड़ी IT फर्मों की भी मेटावर्स से जुड़े क्षेत्रों में रुचि है, जो एक व्यापक इंडस्ट्री संदर्भ प्रदान करता है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों की नज़रें 29 अप्रैल 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग के नतीजों पर रहेंगी। बोनस इश्यू का अनुपात, रेगुलेटरी मंज़ूरी मिलने की समय-सीमा और शेयर जारी होने के बाद पब्लिक शेयरहोल्डिंग का अंतिम प्रतिशत जैसी अहम जानकारियों पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी।
