फंड के इस्तेमाल पर 'CARE' की अहम रिपोर्ट
Sterlite Technologies के फंड के इस्तेमाल को लेकर केयर रेटिंग्स (CARE Ratings) ने एक अहम अपडेट दिया है। कंपनी ने अपने प्रिफरेंशियल इश्यू से मिले ₹124.58 करोड़ को मार्च 2026 तक पूरी तरह से खर्च कर दिया है। इसमें से ₹111.30 करोड़ का बड़ा हिस्सा वित्तीय देनदारियों (financial facilities) को चुकाने में लगाया गया, जबकि बचे हुए ₹13.28 करोड़ सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों के लिए रखे गए थे।
गवर्नेंस पर सवाल, 'को-मिक्सिंग' का ज़िक्र
केयर रेटिंग्स, जिसे इस फंड के इस्तेमाल पर नज़र रखने की ज़िम्मेदारी दी गई थी, ने कन्फर्म किया है कि Sterlite Technologies का यह फंड का उपयोग कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट (offer document) में बताए गए उद्देश्यों के अनुरूप है। हालांकि, एजेंसी ने एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस (governance) के पहलू पर गौर किया है – यह कि इन फंड्स को कंपनी के कैश क्रेडिट अकाउंट (Cash Credit account) में अन्य पैसों के साथ मिला दिया गया था। इस वजह से, फंड के सही और पारदर्शी इस्तेमाल को पक्का करने के लिए कंपनी के मैनेजमेंट से अतिरिक्त सर्टिफिकेशन (certifications) लेना पड़ा।
निवेशकों का भरोसा और कंपनी के लक्ष्य
उठाए गए फंड्स का तय योजनाओं के मुताबिक, खासकर कर्ज चुकाने और कंपनी के रोज़ाना के कामकाज को जारी रखने के लिए इस्तेमाल होना, निवेशकों के विश्वास को मज़बूत करता है। लेकिन, कैश क्रेडिट अकाउंट में फंड्स के 'को-मिक्स' होने की बात एक गवर्नेंस संबंधी चिंता पैदा करती है, जिस पर बारीकी से ध्यान देने की ज़रूरत है।
Sterlite Technologies एक भारतीय ऑप्टिकल और डिजिटल टेक्नोलॉजी कंपनी है जो ग्लोबल डेटा नेटवर्क सॉल्यूशंस प्रदान करती है। कंपनी ने अप्रैल 2024 में ₹1,000 करोड़ का QIP (Qualified Institutional Placement) भी उठाया था, जिसका मकसद बैलेंस शीट को मज़बूत करना और कर्ज कम करना था। कुल ₹498.30 करोड़ के प्रिफरेंशियल इश्यू में प्रमोटर Twin Star Overseas Limited को शेयर आवंटित किए गए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य डेट सर्विसिंग और वर्किंग कैपिटल (working capital) को पूरा करना था। कंपनी का लक्ष्य है कि वह 2025 के अंत तक नेट डेट टू EBITDA रेश्यो (Net Debt to EBITDA ratio) को 2.0x से नीचे ले आए।
अमेरिकी सबसिडियरी पर कानूनी खतरा
Sterlite Technologies की अमेरिकी सबसिडियरी (US subsidiary), Sterlite Technologies Inc. (STI) एक बड़े कानूनी मामले का सामना कर रही है। वहां की एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने STI को ट्रेड सीक्रेट वॉयलेशन (trade secret violations) के मामले में Prysmian Cables and Systems USA, LLC को $96.5 मिलियन (लगभग ₹800 करोड़) का हर्जाना देने का आदेश दिया है। STI इस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है।
